Himachal Pradesh: हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मंगलवार को एक बड़ा कदम उठाया। उन्होंने शिमला में डॉ. बी.आर. आंबेडकर की जयंती पर खास कार्यक्रम में हिस्सा लिया। सीएम सुक्खू ने यहां ‘समानता के वास्तुकार’ नामक एक भव्य स्मारक का अनावरण किया। यह स्मारक बाबासाहेब के महान विचारों और उनके सामाजिक योगदान को समर्पित है। इस खास मौके पर उन्होंने लोगों से डॉ. आंबेडकर के बताए रास्ते पर चलने की विशेष अपील की।
शिक्षा से ही समाज का असली सशक्तिकरण
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने इस दौरान शिक्षा के महत्व पर बहुत जोर दिया। उन्होंने कहा कि डॉ. आंबेडकर शिक्षा को समाज सुधार का सबसे मजबूत हथियार मानते थे। सही शिक्षा से ही देश का हर नागरिक असल मायने में सशक्त बन सकता है। एक समानता वाले समाज के निर्माण के लिए सबको शिक्षित होना बहुत जरूरी है। बाबासाहेब ने हमेशा समाज के कमजोर और गरीब वर्गों को आगे लाने के लिए अपना पूरा जीवन लगा दिया।
संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों की मजबूती
सीएम सुक्खू ने बाबासाहेब को एक बहुत दूरदर्शी राजनेता बताया। उन्होंने कहा कि डॉ. आंबेडकर ने देश का संविधान बनाते समय हर नागरिक के लिए समान अधिकार पक्के किए। उनके महान योगदान से ही भारत में लोकतांत्रिक मूल्य इतने ज्यादा मजबूत हुए हैं। आज भी उनकी महान विरासत एक प्रगतिशील और समावेशी भारत के निर्माण के लिए हमें लगातार प्रेरित करती है। उनका पूरा जीवन न्याय और वंचित वर्गों के अधिकारों की रक्षा का एक खुला उदाहरण है।
चौड़ा मैदान में प्रतिमा पर अर्पित किए फूल
स्मारक के अनावरण से पहले भी एक खास कार्यक्रम हुआ। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शिमला के ऐतिहासिक चौड़ा मैदान का सुबह दौरा किया। वहां उन्होंने डॉ. आंबेडकर की प्रतिमा पर श्रद्धा सुमन अर्पित किए और उन्हें नमन किया। इस दौरान कई नेता और आम नागरिक भी वहां मौजूद रहे। सुक्खू ने सभी लोगों से कहा कि हमें डॉ. आंबेडकर के ऊंचे आदर्शों और महान मूल्यों से जीवन में हमेशा सच्ची प्रेरणा लेनी चाहिए।
