International News: इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की कड़ी आलोचना की है। मेलोनी ने पोप लियो XIV पर ट्रंप की टिप्पणियों को ‘अस्वीकार्य’ बताया है। यह विवाद तब गहराया जब ट्रंप ने ऑनलाइन अपनी एक एआई तस्वीर साझा की। इस तस्वीर में ट्रंप खुद को ईसा मसीह के रूप में पेश करते नजर आए। विवाद बढ़ने पर ट्रंप ने यह पोस्ट तुरंत हटा दिया है। मेलोनी ने स्पष्ट किया कि धर्म में राजनीतिक दखल बिल्कुल अस्वीकार्य है।
ट्रंप ने खुद को बताया डॉक्टर
ट्रंप ने हाल ही में ट्रुथ सोशल पर एक तस्वीर पोस्ट की थी। इसमें ट्रंप सफेद कपड़े पहने एक व्यक्ति के सिर पर हाथ रखे थे। आलोचकों ने इसे ईसा मसीह द्वारा मरीजों को ठीक करने जैसा बताया। भारी विरोध के बाद ट्रंप ने इसे तुरंत हटा लिया। ट्रंप ने सफाई में कहा कि वह खुद को डॉक्टर मान रहे थे। उन्होंने कहा कि रेड क्रॉस कार्यकर्ता के साथ उनका उद्देश्य सिर्फ मदद करना था।
पोप लियो XIV का युद्ध का विरोध
यह विवाद अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते युद्ध के कारण शुरू हुआ है। पोप लियो XIV ने अमेरिकी सैन्य नीतियों और युद्ध का खुलकर विरोध किया है। पोप ने ट्रंप प्रशासन के रक्षा सचिव पीट हेगसेथ की भी आलोचना की है। हेगसेथ अमेरिकी सैन्य कदमों को एक धार्मिक रूप दे रहे हैं। पोप का कहना है कि हिंसा को सही ठहराने के लिए धर्म का उपयोग गलत है। युद्ध के पीछे शक्तिशाली होने का भ्रम होता है।
धार्मिक संस्थाओं की स्वतंत्रता जरूरी
इटली की प्रधानमंत्री मेलोनी ने पत्रकारों के सामने अपना रुख साफ किया है। उन्होंने कहा कि वह पूरी तरह से वेटिकन और पोप के साथ खड़ी हैं। मेलोनी ने कहा कि धार्मिक नेताओं को राजनीतिक दबाव में काम नहीं करना चाहिए। वह ऐसे समाज का समर्थन नहीं करेंगी जहां धर्म राजनीति के अधीन हो। यह विरोध ट्रंप का नहीं, बल्कि सिद्धांतों और पोप की गरिमा की रक्षा का हिस्सा है। मेलोनी के इस बयान को काफी अंतरराष्ट्रीय समर्थन मिला है।
