फौजी के बेटे को FCI में अफसर बनाने का झांसा: 37 लाख की ठगी कर जालसाज दंपति ने दी जान से मारने की धमकी

Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह सक्रिय हैं। ताजा मामला एक सेवानिवृत्त फौजी से जुड़ा है, जिनसे भारतीय खाद्य निगम (FCI) में सुपरवाइजर पद पर भर्ती का झांसा देकर 37.51 लाख रुपये हड़प लिए गए। बेलहरी गांव के निवासी और पूर्व सैन्यकर्मी ओमप्रकाश सिंह की शिकायत पर पुलिस ने देवेश सिंह और उनकी पत्नी ऋचा सिंह के खिलाफ धोखाधड़ी की प्राथमिकी दर्ज कर ली है। पुलिस अब आरोपियों की तलाश में जुट गई है।

यूनियन उपाध्यक्ष बनकर फौजी को जाल में फंसाया

पीड़ित ओमप्रकाश सिंह के मुताबिक, उनके रिश्तेदारों ने उन्नाव निवासी देवेश सिंह से उनकी मुलाकात कराई थी। देवेश ने खुद को यूपी राज्य भंडारण निगम का यूनियन उपाध्यक्ष और एफसीआई का बड़ा अधिकारी बताकर रौब झाड़ा। उसने फौजी को विश्वास दिलाया कि वह उनके बेटे की सीधी भर्ती एफसीआई में करा देगा। जालसाज की प्रभावशाली बातों में आकर पीड़ित ने अपने बेटे के भविष्य के लिए समय-समय पर कुल 55.70 लाख रुपये देवेश और उसकी पत्नी के बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिए।

नौकरी न मिलने पर चेक दिए, वो भी हुए बाउंस

लंबे समय तक जब नियुक्ति पत्र नहीं मिला, तो ओमप्रकाश को ठगी का अहसास हुआ। उन्होंने जब अपने पैसे वापस मांगे, तो आरोपियों ने टालमटोल शुरू कर दी। दबाव बनाने पर आरोपियों ने कुछ चेक दिए, जिनमें से 13 लाख रुपये का एक चेक बैंक में बाउंस हो गया। पीड़ित का कहना है कि साल 2022 से 2024 के बीच आरोपियों ने किश्तों में 18.19 लाख रुपये तो वापस किए, लेकिन शेष 37.51 लाख रुपये दबाकर बैठ गए और अब देने से इनकार कर रहे हैं।

पैसे मांगने पर गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी

सेवानिवृत्त फौजी ने आरोप लगाया है कि जब भी वह बकाया रकम की मांग करते हैं, तो देवेश सिंह और उसकी पत्नी ऋचा सिंह अभद्र व्यवहार करते हैं। आरोपी अब पीड़ित को जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। थानाध्यक्ष राजू राय ने बताया कि पीड़ित की तहरीर के आधार पर जालसाज दंपति के विरुद्ध उचित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस बैंक ट्रांजैक्शन और कॉल डिटेल्स के जरिए मामले की गहराई से जांच कर रही है ताकि अपराधियों को जल्द पकड़ा जा सके।

सरकारी नौकरी के नाम पर सावधानी बरतने की अपील

इस घटना ने एक बार फिर युवाओं और अभिभावकों को सरकारी नौकरियों के फर्जीवाड़े के प्रति सचेत किया है। पुलिस प्रशासन ने जनता से अपील की है कि किसी भी विभाग में भर्ती की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और ऑनलाइन होती है। किसी भी बिचौलिए या स्वयंभू अधिकारी के झांसे में आकर लाखों रुपये का लेन-देन न करें। यदि कोई व्यक्ति बैक डोर एंट्री या सिफारिश से नौकरी दिलाने का दावा करता है, तो तत्काल उसकी सूचना नजदीकी पुलिस स्टेशन या साइबर सेल को दें।

SOURCE: न्यूज एजेंसी
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