Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जनपद में ग्रामीण कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए सरकार ने एक बड़ी योजना तैयार की है। मुख्यमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत जिले के सुदूर क्षेत्रों को मुख्य मार्गों से जोड़ने की कवायद शुरू हो गई है। लोक निर्माण विभाग (PWD) ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए कुल 17 संपर्क मार्गों के नवनिर्माण का खाका तैयार किया है। इस परियोजना के लिए शासन को विस्तृत प्रस्ताव भेजकर प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृति मांगी गई है।
32 किलोमीटर से अधिक लंबा बनेगा नेटवर्क: 36.21 करोड़ रुपये का अनुमानित बजट
लोक निर्माण विभाग द्वारा तैयार किए गए इस प्रस्ताव के अंतर्गत कुल 32.30 किलोमीटर लंबी सड़कों का जाल बिछाया जाएगा। विभाग ने इस पूरे बुनियादी ढांचे के विकास पर लगभग 3621.83 लाख रुपये (करीब 36.21 करोड़ रुपये) खर्च होने का अनुमान लगाया है। इन सड़कों के बनने से सोनांचल के दुर्गम और ग्रामीण इलाकों में रहने वाले हजारों लोगों को सीधे तौर पर लाभ मिलेगा। यह कदम स्थानीय परिवहन व्यवस्था को पूरी तरह बदलने वाला साबित होगा।
इन 17 संपर्क मार्गों का बदला जाएगा स्वरूप: लंबी दूरी की मांग होगी पूरी
शासन को भेजे गए प्रस्ताव में जिले के कई महत्वपूर्ण ग्रामीण संपर्क मार्गों को शामिल किया गया है। इसमें ककराडांड, खेतरिया, अड़गुंआपार, मुनीबर, बाईडी और चौरीहा जैसे मार्ग प्रमुख हैं। इसके अलावा नौडिहवा, सिद्धखाड़ा, कन्हर, गुलरिहवा, भोरखुंड, बकहराडांड़ और पारसपरी जैसे क्षेत्रों में भी नई सड़कों का निर्माण होगा। इन प्रस्तावित सड़कों की लंबाई एक से चार किलोमीटर के बीच तय की गई है। ग्रामीण लंबे समय से इन जर्जर मार्गों को दुरुस्त करने की मांग कर रहे थे।
विकास को मिलेगी नई रफ्तार: स्वास्थ्य और शिक्षा तक पहुंच होगी आसान
लोक निर्माण विभाग के एक्सईएन शैलेश ठाकुर ने बताया कि कार्य योजना तैयार कर शासन को अग्रसारित कर दी गई है। जैसे ही शासन से इन प्रस्तावों को मंजूरी मिलेगी, तत्काल टेंडर प्रक्रिया पूरी कर निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा। नई सड़कों के निर्माण से न केवल ग्रामीणों का आवागमन सुगम होगा, बल्कि उन्हें बाजार, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंचने में भी आसानी होगी। इससे जिले के आर्थिक और सामाजिक विकास को भी गति मिलने की पूरी उम्मीद है।
