बरेली ने जीती मलेरिया से जंग: 46 हजार से 15 मरीजों तक पहुंचा आंकड़ा, जानिए कैसे थमी बीमारी की रफ्तार

Bareilly News: उत्तर प्रदेश के बरेली जिले ने मलेरिया के खिलाफ लड़ाई में एक मिसाल पेश की है। कभी मलेरिया का ‘गढ़’ माने जाने वाले इस जिले में मरीजों की संख्या में भारी गिरावट दर्ज की गई है। सात साल पहले बरेली में मलेरिया का ऐसा खौफ था कि एक साल में 46 हजार लोग इसकी चपेट में आए थे। उस समय बरेली की इस भयावह स्थिति की चर्चा पूरी दुनिया में हुई थी। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग की कड़ी मेहनत और जन-जागरूकता अभियानों के चलते अब यह आंकड़ा सिमटकर दहाई की संख्या तक पहुंच गया है।

2019 में मलेरिया ने मचाई थी बरेली में खलबली

मलेरिया विभाग के आंकड़ों पर नजर डालें तो साल 2018 और 2019 बरेली के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण थे। 2018 में जहां 37 हजार से ज्यादा मरीज मिले थे, वहीं 2019 में यह संख्या बढ़कर 46 हजार के पार पहुंच गई थी। इसके बाद भी बीच-बीच में मलेरिया ने रफ्तार पकड़ी, जिससे पूरे उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया था। लेकिन पिछले चार वर्षों से स्थिति में लगातार सुधार हो रहा है। साल 2025 में मरीजों की संख्या घटकर 1,938 रह गई थी और इस साल अब तक केवल 15 स्थानीय मरीजों में ही इसकी पुष्टि हुई है।

संवेदनशील गांवों पर स्वास्थ्य विभाग की पैनी नजर

जिले में अभी भी 84 गांव ऐसे हैं जिन्हें मलेरिया के प्रति ‘अति संवेदनशील’ की श्रेणी में रखा गया है। इन इलाकों में बीमारी को दोबारा पनपने से रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग ‘संचारी रोग नियंत्रण’ और ‘दस्तक अभियान’ चला रहा है। मलेरिया विभाग के अधिकारी खुद गांवों का निरीक्षण कर रहे हैं ताकि लार्वा पनपने की किसी भी संभावना को खत्म किया जा सके। विश्व मलेरिया दिवस पर इस बार की थीम ‘मलेरिया को समाप्त करने का दृढ़ संकल्प’ रखा गया है, जिस पर जिला प्रशासन पूरी मुस्तैदी से काम कर रहा है।

लाखों घरों तक पहुंची आशा कार्यकर्ता और एंटी लार्वा छिड़काव

जिला मलेरिया अधिकारी सत्येंद्र कुमार के मुताबिक, दस्तक अभियान के तहत जिले के 11 लाख घरों तक पहुंचने का लक्ष्य रखा गया है। अब तक आशा कार्यकर्ताओं ने लगभग 6.70 लाख घरों का भ्रमण कर लोगों को जागरूक किया है। इसके साथ ही बचाव के लिए 728 गांवों में एंटी लार्वा दवा का छिड़काव किया जा चुका है और 116 गांवों में फॉगिंग कराई गई है। बुखार के 3300 संदिग्ध मरीजों की जांच की गई, जिनमें से किसी में भी मलेरिया के लक्षण नहीं पाए गए, जो एक सकारात्मक संकेत है।

नई दवाओं और जागरूकता से मलेरिया मुक्त बनेगा बरेली

मलेरिया से निपटने के लिए शासन की ओर से स्वास्थ्य विभाग को नई और प्रभावी दवाएं उपलब्ध कराई गई हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) ने सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के प्रभारियों को निर्देश दिए हैं कि विश्व मलेरिया दिवस के अवसर पर अधिक से अधिक लोगों को बीमारी के लक्षणों और बचाव के तरीकों के प्रति जागरूक करें। अधिकारियों का कहना है कि यदि जनता का सहयोग इसी तरह मिलता रहा, तो बरेली जल्द ही पूरी तरह मलेरिया मुक्त जिला घोषित हो सकेगा।

SOURCE: न्यूज एजेंसी
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