Punjab News: शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने पंजाब की सियासत में बड़े धमाके का दावा किया है। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी के भीतर भारी उथल-पुथल शुरू हो चुकी है। मजीठिया के अनुसार पार्टी में जल्द ही बड़े स्तर पर टूट होगी जो मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार को अस्थिर कर देगी। उन्होंने इस स्थिति को महज एक ‘ट्रेलर’ करार दिया है। विपक्षी नेता का मानना है कि पंजाब के लोग जल्द ही पूरी फिल्म देखेंगे।
आप के राज्यसभा सांसदों पर भाजपा में शामिल होने का आरोप
बिक्रम सिंह मजीठिया ने सनसनीखेज दावा करते हुए कहा कि ‘आप’ के कई दिग्गज राज्यसभा सदस्य भारतीय जनता पार्टी के संपर्क में हैं। इनमें राघव चड्ढा, संदीप पाठक, स्वाति मालीवाल और हरभजन सिंह जैसे बड़े नाम शामिल हैं। मजीठिया के मुताबिक विक्रमजीत सिंह साहनी, अशोक मित्तल और राजिंदर गुप्ता ने भी भाजपा में जाने का मन बना लिया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सांसदों के बाद अब पंजाब के विधायकों के पार्टी छोड़ने का सिलसिला भी तेजी से शुरू होने वाला है।
जालंधर और लुधियाना से शुरू होगी विधायकों की बगावत
मजीठिया ने भविष्यवाणी की है कि पंजाब में आम आदमी पार्टी के विधायकों की ‘उलटी गिनती’ शुरू हो गई है। उन्होंने स्पष्ट रूप से जालंधर और लुधियाना का जिक्र करते हुए कहा कि बगावत की शुरुआत यहीं से होगी। इन शहरों के विधायक जल्द ही पार्टी का साथ छोड़ सकते हैं जिससे मान सरकार पर गंभीर संकट मंडरा सकता है। मजीठिया का दावा है कि सरकार जल्द ही विधानसभा में अपना बहुमत खो देगी। उनके इस बयान ने राज्य की राजनीति में खलबली मचा दी है।
राज्यपाल से विधानसभा सत्र बुलाने और शक्ति परीक्षण की मांग
राजनीतिक हलचल के बीच मजीठिया ने पंजाब के राज्यपाल से इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करने की अपील की है। उन्होंने मांग की है कि जल्द से जल्द विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया जाना चाहिए। मजीठिया चाहते हैं कि मुख्यमंत्री भगवंत मान को सदन में अपना बहुमत साबित करने का निर्देश दिया जाए। उन्होंने कहा कि अब केवल भाषणों से काम नहीं चलेगा और सरकार को अपनी संख्या बल दिखानी होगी। विपक्ष अब सरकार को घेरने की पूरी रणनीति बना चुका है।
मुख्यमंत्री पर केंद्रीय एजेंसियों के डर और संपत्ति बचाने का आरोप
अकाली नेता ने मुख्यमंत्री पर निजी हमले करते हुए कहा कि वह अपनी ऑस्ट्रेलिया स्थित संपत्तियों को सुरक्षित रखना चाहते हैं। मजीठिया के अनुसार भगवंत मान को प्रवर्तन निदेशालय (ED) और सीबीआई जैसी केंद्रीय एजेंसियों की कार्रवाई का गहरा डर सता रहा है। उन्होंने यहां तक अंदेशा जताया कि भविष्य में मुख्यमंत्री स्वयं भी अपना पक्ष बदल सकते हैं। मजीठिया का आरोप है कि राज्यसभा की टिकटें गलत तरीके से दी गईं और अब बाहरी लोग पार्टी का साथ छोड़ रहे हैं।
