Himachal News: हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार पर तीखा राजनीतिक प्रहार किया है। उन्होंने सत्ताधारी सरकार को फैसला परिवर्तन की सरकार करार देते हुए आरोप लगाया कि प्रशासनिक स्तर पर भारी कन्फ्यूजन का माहौल है। जयराम ठाकुर का कहना है कि प्रदेश में व्यवस्था परिवर्तन के नाम पर ऐसे आदेश निकाले जा रहे हैं, जो चौबीस घंटे भी टिक नहीं पाते और उन्हें तुरंत वापस लेना पड़ता है।
सुबह जारी होता है आदेश, शाम तक हो जाता है वापस
जयराम ठाकुर ने सवाल उठाया कि आखिर सरकार में ऐसे निर्णय कौन ले रहा है जो एक दिन भी कायम नहीं रहते। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा चलाई जा रही व्यवस्था परिवर्तन की मुहिम अब पल-पल पलटू सरकार में तब्दील हो चुकी है। पूर्व सीएम ने आरोप लगाया कि शासन के फैसलों में न तो जनहित का ध्यान रखा जाता है, न ही दूरदर्शिता और तार्किकता का कोई समावेश होता है।
सिर्फ अप्रैल में ही दर्जनों फैसले बदलने पड़े
नेता प्रतिपक्ष ने दावा किया कि अकेले अप्रैल महीने के दौरान सरकार को अपने ही लिए गए दर्जनों निर्णयों को बदलने पर मजबूर होना पड़ा। उन्होंने बताया कि ये सभी फैसले जनविरोधी और प्रदेशहित के विपरीत साबित हुए, जिसके चलते किरकिरी से बचने के लिए इन्हें तत्काल प्रभाव से वापस लेना पड़ा। उनके अनुसार हर दिन का कोई न कोई सरकारी आदेश कानूनी कसौटी पर खरा नहीं उतर रहा है।
टॉयलेट टैक्स, टोल टैक्स और स्कूल बंद करने के फैसलों का दिया हवाला
जयराम ठाकुर ने सरकार की कार्यशैली पर निशाना साधते हुए टॉयलेट टैक्स और टोल टैक्स जैसे विवादित प्रस्तावों का जिक्र किया। उन्होंने अस्पतालों और स्कूलों को बंद करने से जुड़े निर्णयों को भी गैरजिम्मेदाराना बताया। उनका आरोप है कि इन बेतुके फैसलों ने प्रदेश की छवि को राष्ट्रीय स्तर पर गंभीर नुकसान पहुंचाया है और सरकार की विश्वसनीयता पर प्रश्नचिन्ह लगा है।
पंचायत चुनाव में कोर्ट से पलटे गए आधा दर्जन फैसले
पूर्व मुख्यमंत्री ने पंचायत चुनावों के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए कहा कि सुक्खू सरकार के आधा दर्जन से अधिक निर्णयों को माननीय न्यायालय ने संविधान और कानून के खिलाफ करार देते हुए पलट दिया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विधानसभा से लेकर सार्वजनिक मंचों तक सफेद झूठ बोल रहे हैं। साथ ही उनकी बेबसी यह है कि जनविरोधी फैसले लेने वालों पर वे कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई भी नहीं कर पा रहे हैं।
अराजकता और भ्रष्टाचार को मिल रहा खुला संरक्षण
जयराम ठाकुर ने प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर टिप्पणी करते हुए कहा कि हिमाचल में फिलहाल अराजकता और भ्रष्टाचार को खुलकर संरक्षण मिल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के तर्कहीन और विवेकहीन फैसले लेने वाले लोगों पर अंकुश लगाने में प्रशासन पूरी तरह विफल साबित हो रहा है, जिससे आम जनता में रोष और निराशा बढ़ती जा रही है।
