भारतीय सेना का मान: जनरल उपेंद्र द्विवेदी यूएस आर्मी वॉर कॉलेज के ‘हॉल ऑफ फेम’ में शामिल

Washington News: भारतीय थल सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने वैश्विक सैन्य पटल पर भारत का गौरव बढ़ाया है। उन्हें अमेरिका के प्रतिष्ठित आर्मी वॉर कॉलेज के इंटरनेशनल ‘हॉल ऑफ फेम’ में शामिल किया गया है। यह विशिष्ट सम्मान प्राप्त करने वाले वह भारत के केवल तीसरे सैन्य अधिकारी बन गए हैं। जनरल द्विवेदी से पहले पूर्व सेना प्रमुख जनरल वीके सिंह और जनरल बिक्रम सिंह को ही यह दुर्लभ गौरव प्राप्त हुआ था। पेंसिल्वेनिया दौरे के दौरान उन्हें इस सम्मान से विधिवत नवाजा गया।

पुराने छात्र के रूप में लौटे जनरल द्विवेदी

जनरल उपेंद्र द्विवेदी के लिए यह सम्मान इसलिए भी खास है क्योंकि वह स्वयं इस कॉलेज के पूर्व छात्र रहे हैं। उन्होंने साल 2014-15 में यहाँ ‘स्ट्रैटेजिक स्टडीज’ का गहन कोर्स पूरा किया था। उस दौरान उन्हें ‘डिस्टिंग्विश्ड फेलो’ के सम्मान से भी सम्मानित किया गया था। अपनी यात्रा के दौरान उन्होंने पुराने दिनों की यादें साझा कीं। उन्होंने कॉलेज के वर्तमान छात्रों और अधिकारियों को संबोधित करते हुए सैन्य नेतृत्व की बारीकियों पर विस्तार से चर्चा की।

क्या है ‘हॉल ऑफ फेम’ की महत्ता?

यूएस आर्मी वॉर कॉलेज का यह ‘हॉल ऑफ फेम’ साल 1988 में स्थापित किया गया था। यह सम्मान केवल उन चुनिंदा विदेशी सैन्य अधिकारियों को दिया जाता है जो अपने करियर में शीर्ष पदों पर पहुँचते हैं। अमेरिका का यह संस्थान भारत के नेशनल डिफेंस कॉलेज के समकक्ष माना जाता है। यहाँ मुख्य रूप से ब्रिगेडियर स्तर के अधिकारियों को सामरिक रणनीति और वैश्विक सुरक्षा के गुर सिखाए जाते हैं। जनरल द्विवेदी ने यहाँ शोध परियोजनाओं का भी बारीकी से निरीक्षण किया।

भारत-अमेरिका रक्षा संबंधों में नई मजबूती

सेना प्रमुख की इस यात्रा ने दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग को एक नए धरातल पर पहुँचा दिया है। जनरल द्विवेदी ने अमेरिकी अधिकारियों के साथ संयुक्त सैन्य प्रशिक्षण और आधुनिक तकनीक पर चर्चा की। इस बातचीत में ‘डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग’ और हथियारों के सह-उत्पादन जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे भी शामिल रहे। दोनों देशों की सेनाएं अब ‘मल्टी-डोमेन ऑपरेशन’ की दिशा में कदम बढ़ा रही हैं। यह सहयोग एशिया-प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है।

तीनों सेना प्रमुखों का रणनीतिक दौरा

भारत और अमेरिका के बीच बढ़ती सैन्य निकटता का अंदाजा हालिया दौरों से लगाया जा सकता है। पिछले कुछ महीनों के भीतर भारत की तीनों सेनाओं के प्रमुखों ने अमेरिका का दौरा किया है। नवंबर 2025 में नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश त्रिपाठी वहां गए थे। इसके तुरंत बाद वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने भी अमेरिका की यात्रा की थी। अब जनरल द्विवेदी के दौरे ने सेना के तीनों अंगों के बीच अमेरिकी तालमेल को और अधिक पुख्ता कर दिया है।

SOURCE: न्यूज एजेंसी
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