Himachal News: हिमाचल प्रदेश के जाने-माने उद्योगपति और दानवीर डॉ. महिंद्र शर्मा ने पवित्र बद्रीनाथ और केदारनाथ धाम के प्रति अपनी अटूट आस्था का एक और बड़ा प्रमाण दिया है। उन्होंने श्रद्धालुओं की सुविधाओं के विस्तार के लिए बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति को एक करोड़ एक लाख रुपये का भव्य दान दिया। यह राशि केदारनाथ मंदिर परिसर में समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी को औपचारिक चेक के माध्यम से सौंपी गई। इस मदद का इस्तेमाल तीर्थयात्रियों के ठहरने, भोजन और यात्रा सुविधाओं को आधुनिक बनाने पर खर्च किया जाएगा।
महंगी निजी सेवाओं के विकल्प के लिए सरकारी सुविधाओं का होगा विस्तार
डॉ. महिंद्र शर्मा का मानना है कि सीमित यात्रा सीजन में लाखों श्रद्धालु बद्रीनाथ और केदारनाथ पहुंचते हैं। ऐसे में यदि सरकारी सुविधाओं का विस्तार नहीं हुआ तो लोगों को महंगी निजी सेवाओं पर निर्भर होना पड़ता है। वे बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के सक्रिय सदस्य भी हैं। उन्होंने कहा कि यह धनराशि सीधे श्रद्धालुओं की मूलभूत आवश्यकताओं को पूरा करने में लगाई जाएगी, ताकि हर भक्त को सुलभ और सस्ती सेवा मिल सके।
2018 में केदारनाथ के गर्भगृह को चांदी से सजाने के लिए दिए थे 3 करोड़
यह कोई पहला मौका नहीं है जब डॉ. शर्मा ने धार्मिक स्थलों के प्रति अपनी उदारता दिखाई हो। वर्ष 2018 में उन्होंने करीब तीन करोड़ रुपये की लागत से केदारनाथ मंदिर के पवित्र गर्भगृह में चांदी का आवरण चढ़वाया था, जिसकी आज भी श्रद्धालु प्रशंसा करते हैं। वर्ष 2023 में दान प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के लिए उन्होंने मंदिर परिसर में एक अत्याधुनिक ग्लास हाउस भी भेंट किया था, जो भीषण ठंड में भी पूर्णतः सुरक्षित और पारदर्शी बना रहता है।
2024 से 2030 तक हर वीरवार चल रहा है अटूट लंगर
डॉ. शर्मा की समाजसेवा केवल संरचनाओं तक सीमित नहीं है। उन्होंने वर्ष 2024 से लेकर 2030 तक के लिए ताराकोट में हर वीरवार एक विशाल अटूट लंगर चलाने का संकल्प लिया है। इस पुण्य कार्य के लिए उन्होंने श्राइन बोर्ड को एक करोड़ रुपये का अतिरिक्त दान दिया है। इसके अलावा माता वैष्णो देवी धाम में वर्ष 2020 में दुर्गा भवन निर्माण के लिए भी उन्होंने एक करोड़ रुपये प्रदान किए थे।
ऊना के मां चिंतपूर्णी मंदिर के गर्भगृह को 3 करोड़ से सजाया
अपने पैतृक जिला ऊना के प्रति उनकी श्रद्धा भी अतुलनीय है। उन्होंने मां चिंतपूर्णी शक्तिपीठ के गर्भगृह को भव्य चांदी की परत से सजाने के लिए लगभग तीन करोड़ रुपये का योगदान दिया। एएनएस कंस्ट्रक्शंस प्राइवेट लिमिटेड के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक, 61 वर्षीय डॉ. शर्मा ऊना के बढेड़ा राजपूतां गांव के रहने वाले हैं। उनकी रियल एस्टेट और इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र की अग्रणी कंपनी के साथ ही समाजसेवा का यह जज्बा उन्हें विरासत में मिला है। समिति अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कहा कि यह दान दूसरे उद्योगपतियों के लिए भी प्रेरणास्रोत बनेगा।
