Himachal News: हिमाचल प्रदेश में चार प्रमुख नगर निगमों के चुनाव की तारीख तय होते ही राजनीतिक हलचल काफी तेज हो गई है। कांग्रेस ने सोलन, मंडी, धर्मशाला और पालमपुर नगर निगम चुनावों के लिए चुनाव संचालन समितियों का ऐलान कर दिया है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, प्रदेश अध्यक्ष विनय कुमार और उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री हर समिति में शामिल रहेंगे। सत्रह मई को वोटिंग और इकतीस मई को मतगणना होनी है। इन समितियों को रणनीति बनाने और उम्मीदवार चयन की जिम्मेदारी दी गई है।
सोलन नगर निगम के लिए बनाई गई स्टार टीम
सोलन नगर निगम की चुनाव संचालन समिति में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के साथ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार और उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री को शामिल किया गया है। कैबिनेट मंत्री डॉ. कर्नल धनीराम शांडिल, हर्षवर्धन चौहान, रोहित ठाकुर और अनिरुद्ध सिंह को भी इस टीम में जगह मिली है। विधायकों में संजय अवस्थी, विनोद सुल्तानपुरी, राम कुमार चौधरी और हरदीप सिंह बावा के साथ जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुभाष वर्मानी पर भी जिम्मेदारी सौंपी गई है।
मंडी नगर निगम में CM के साथ मंत्री विक्रमादित्य की भूमिका
मंडी नगर निगम के लिए गठित समिति में मुख्यमंत्री के साथ प्रदेश अध्यक्ष और उपमुख्यमंत्री को तो रखा ही गया है। लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह और राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी को विशेष जिम्मेदारी दी गई है। अनुभवी चेहरों के रूप में पूर्व प्रदेश अध्यक्ष कौल सिंह ठाकुर और पूर्व मंत्री प्रकाश चौधरी को शामिल किया गया है। विधायक चंदर शेखर, विधायक सुंदर ठाकुर और जिला कांग्रेस अध्यक्ष चंपा ठाकुर जमीनी स्तर पर पार्टी को मजबूत करेंगे।
धर्मशाला नगर निगम में सांसद अनुराग शर्मा पर दारोमदार
धर्मशाला नगर निगम की चुनावी कमान संभालने के लिए मंत्री चंदर कुमार और विधायक तथा चेयरमैन आर.एस. बाली को अहम जिम्मेदारी मिली है। सांसद और जिला कांग्रेस अध्यक्ष अनुराग शर्मा समिति में शामिल रहेंगे। विधायक केवल पठानिया और विधायक मलेंद्र राजन के साथ पूर्व मेयर देवेंद्र जग्गी और वरिष्ठ नेता अजय महाजन को भी रणनीतिक भूमिका दी गई है। यह टीम स्थानीय स्तर पर चुनाव प्रचार की रूपरेखा तय करेगी।
पालमपुर नगर निगम में मंत्री राजेश धर्माणी को मिली मुख्य भूमिका
पालमपुर नगर निगम की चुनाव संचालन समिति में तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी और स्वास्थ्य मंत्री यदविंदर गोमा को शामिल किया गया है। सांसद एवं जिला कांग्रेस अध्यक्ष अनुराग शर्मा भी इस समिति का हिस्सा बनाए गए हैं। विधायक आशीष बुटेल, विधायक किशोरी लाल, विधायक संजय रत्तन और विधायक भवानी सिंह पठानिया के साथ कांगड़ा से विधायक कमलेश ठाकुर को भी अहम जिम्मेदारी दी गई है।
पार्टी चिन्ह पर होंगे चुनाव, विधानसभा से पहले अग्निपरीक्षा
चुनाव संचालन समितियों को जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने और उम्मीदवारों के चयन का पूरा अधिकार दिया गया है। चारों नगर निगमों के चुनाव पार्टी चिन्हों पर लड़े जाएंगे। ऐसे में सत्ताधारी कांग्रेस और मुख्य विपक्षी दल भाजपा के लिए यह मुकाबला आगामी विधानसभा चुनाव से पहले एक बड़ी अग्निपरीक्षा साबित होगा। प्रदेश में चुनावी तारीखों के ऐलान के साथ ही सियासी पारा चढ़ गया है।
