Mumbai News: बॉलीवुड के दिग्गज फिल्म निर्माता वासु भगनानी आज किसी पहचान के मोहताज नहीं हैं। ‘कूली नंबर 1’ और ‘बीवी नंबर 1’ जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्में देने वाले भगनानी आज करोड़ों की संपत्ति के मालिक हैं। हालांकि, इस मुकाम तक पहुंचने का उनका सफर संघर्षों और कांटों भरा रहा है। हाल ही में एक पॉडकास्ट के दौरान उन्होंने खुलासा किया कि उन्होंने अपने करियर की शुरुआत सड़कों पर साड़ियां बेचकर की थी। यह कहानी किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं है।
कोलकाता की गलियों से दिल्ली का सफर
वासु भगनानी ने भावुक होते हुए बताया कि 13 साल की उम्र में वह फुटपाथ पर साड़ियां बेचा करते थे। उस समय उनका पूरा परिवार कोलकाता में रहता था। वहां संसाधनों और अवसरों की भारी कमी थी, जिसके कारण परिवार ने फैसला लिया कि उन्हें दिल्ली जाना चाहिए। दिल्ली आने के बाद उन्होंने जमीन के छोटे टुकड़ों पर निवेश करना शुरू किया। प्रीत विहार और आनंद विहार में प्लॉट खरीदकर उन्होंने विला बनाए और उन्हें बेचकर मुनाफा कमाया।
कंस्ट्रक्शन से फिल्मी दुनिया तक की उड़ान
दिल्ली में निर्माण कार्य के दौरान उन्होंने ‘VIP बिल्डिंग’ का निर्माण महज चार महीने में पूरा कर अपनी काबिलियत साबित की। इसके बाद होली के दौरान मुंबई की एक यात्रा ने उनकी पूरी जिंदगी बदल दी। मुंबई में उन्होंने ओरिएंटल पैलेस होटल में रुककर वहीं बसने का फैसला किया। अगले कुछ वर्षों में उन्होंने वहां करीब 15 इमारतें खड़ी कर दीं। कंस्ट्रक्शन और ऑडियो कैसेट के बिजनेस के बाद उन्होंने फिल्म निर्माण की दुनिया में कदम रखा।
गोविंदा और डेविड धवन के साथ नंबर 1 जोड़ी
भगनानी की किस्मत ने तब करवट ली जब उन्होंने गोविंदा की फिल्म ‘आंखें’ देखी। उन्होंने तुरंत तय किया कि वह गोविंदा और निर्देशक डेविड धवन के साथ काम करेंगे। अगले ही दिन उन्होंने दोनों को साइन कर लिया। इसके बाद शुरू हुआ ‘नंबर 1’ सीरीज की फिल्मों का सिलसिला, जिसने उन्हें बॉलीवुड का सफल प्रोड्यूसर बना दिया। उन्होंने 90 के दशक में कॉमेडी फिल्मों के जरिए दर्शकों के दिलों पर राज किया और खूब शोहरत कमाई।
एक फिल्म ने कर दिया था बर्बाद
सफलता के बीच साल 2002 में फिल्म ‘ओम जय जगदीश’ ने उन्हें गहरा आर्थिक सदमा दिया। अनुपम खेर के निर्देशन में बनी इस मल्टीस्टारर फिल्म के पिटने से उनकी कमाई का एक बड़ा हिस्सा डूब गया था। उनके बेटे जैकी भगनानी ने भी एक इंटरव्यू में इस मुश्किल वक्त का जिक्र किया था। लेकिन वासु ने हार नहीं मानी और दोबारा अपना साम्राज्य खड़ा किया। आज उनका बिजनेस यूके तक फैला है और उनकी कुल संपत्ति 2500 करोड़ रुपये है।
