Himachal News: हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के खिलाफ धर्मशाला में दर्ज कराई गई शिकायत को दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया है। उन्होंने शिमला में पत्रकारों से कहा कि मुख्य विपक्षी दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष के खिलाफ इस तरह की प्राथमिकी देश में लोकतांत्रिक आवाज को दबाने का सीधा प्रयास है। सुक्खू ने साफ किया कि कांग्रेस इस तरह की डराने-धमकाने की रणनीति से डरने वाली नहीं है और पूरी पार्टी खरगे के साथ मजबूती से खड़ी है।
धर्मशाला थाने में BJP नेता ने खरगे के खिलाफ दी शिकायत
गौरतलब है कि भाजपा के प्रदेश मीडिया सह-प्रभारी एवं अधिवक्ता विश्व चक्षु ने धर्मशाला पुलिस थाने में मल्लिकार्जुन खरगे के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। इसमें आरोप लगाया गया कि खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया और देश के सर्वोच्च पद का अपमान किया। शिकायत में कहा गया है कि इस टिप्पणी से 140 करोड़ देशवासियों की भावनाएं गहरी रूप से आहत हुई हैं और समाज में नफरत फैलने का खतरा पैदा हुआ है।
CM बोले- महिला आरक्षण पर BJP का प्रदर्शन केवल राजनीति
मुख्यमंत्री ने महिला आरक्षण को लेकर भाजपा के हालिया प्रदर्शनों पर तीखा प्रहार किया। सुक्खू ने आरोप लगाया कि भाजपा के हाथी के दांत दिखाने के कुछ और और खाने के कुछ और हैं। उन्होंने कहा कि 2023 में केंद्र की मोदी सरकार ने महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का विधेयक तो पास कर दिया, लेकिन उसके क्रियान्वयन को जानबूझकर जनगणना और परिसीमन से जोड़ दिया गया। जिससे यह कानून फिलहाल जमीनी हकीकत नहीं बन पाया है।
हिमाचल की आर्थिक मदद में कटौती का उठाया मुद्दा
मुख्यमंत्री ने इस मौके पर केंद्र सरकार पर हिमाचल प्रदेश की आर्थिक मदद में कटौती करने का आरोप दोहराया। उन्होंने कहा कि केंद्र ने प्रदेश का राजस्व घाटा अनुदान बंद कर दिया, इसके बावजूद राज्य की भाजपा इकाई ने कोई विरोध दर्ज नहीं कराया। सुक्खू ने सवाल उठाया कि प्रधानमंत्री द्वारा घोषित 1500 करोड़ रुपये का सहायता पैकेज अभी तक जारी नहीं हुआ, लेकिन भाजपा नेता इस मामले में कोई पैरवी करने या बोलने तक को तैयार नहीं हैं। उन्होंने इसे भाजपा का हिमाचल विरोधी चेहरा बताया।
