Madhya Pradesh News: मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार में जल्द ही बड़े प्रशासनिक और राजनीतिक बदलाव होने के संकेत मिल रहे हैं। मुख्यमंत्री मोहन यादव और प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की दिल्ली में भाजपा आलाकमान के साथ हुई बैठक के बाद मंत्रिमंडल विस्तार की सुगबुगाहट तेज हो गई है। माना जा रहा है कि इस फेरबदल के जरिए सरकार क्षेत्रीय और जातीय समीकरणों को साधने की कोशिश करेगी। वर्तमान में मंत्रिमंडल के खाली पदों को भरने के साथ ही कुछ मंत्रियों की छुट्टी भी संभव है।
नौ बार के विधायक गोपाल भार्गव की वापसी लगभग तय
मंत्रिमंडल विस्तार में सबसे चर्चित नाम वरिष्ठ भाजपा नेता गोपाल भार्गव का है। नौ बार के विधायक रह चुके भार्गव के पास लंबा प्रशासनिक अनुभव है, जिसे देखते हुए उन्हें कैबिनेट में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी जा सकती है। सूत्रों का कहना है कि सरकार वरिष्ठता और अनुभव का लाभ लेने के लिए उन्हें वापस लाने की पूरी तैयारी में है। उनके नाम पर मुहर लगना लगभग तय माना जा रहा है। भार्गव के आने से बुंदेलखंड क्षेत्र में पार्टी की पकड़ और मजबूत होगी।
कैबिनेट में महिला और सिंधिया समर्थकों को मिल सकता है मौका
मोहन सरकार अपने नए मंत्रिमंडल में संतुलन बनाने के लिए महिला चेहरों और सिंधिया समर्थक खेमे को भी तरजीह दे सकती है। इंदौर से मालिनी गौड़ और वरिष्ठ नेता अर्चना चिटनीस का नाम इस सूची में प्रमुखता से शामिल है। वहीं ज्योतिरादित्य सिंधिया के करीबी माने जाने वाले बृजेंद्र सिंह यादव को भी कैबिनेट में स्थान मिल सकता है। इसके अलावा शैलेंद्र कुमार जैन, प्रदीप लारिया और कमलेश शाह जैसे विधायकों के नाम भी मंत्री पद की दौड़ में लगातार बने हुए हैं।
दिग्गज मंत्रियों पर गिर सकती है गाज, दिल्ली जाने की चर्चा
संभावित फेरबदल में सबसे चौंकाने वाला फैसला वरिष्ठ मंत्रियों की विदाई को लेकर हो सकता है। सूत्रों के अनुसार, कैलाश विजयवर्गीय और प्रहलाद पटेल जैसे दिग्गजों को मंत्रिमंडल से बाहर कर संगठन में बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है। हाल ही में कैबिनेट बैठकों से इनकी अनुपस्थिति और विवादित बयानों ने इन अटकलों को और हवा दी है। इन नेताओं को आगामी चुनावों वाले राज्यों में प्रभारी बनाकर राष्ट्रीय राजनीति में वापस भेजने की योजना पर आलाकमान विचार कर रहा है।
31 सदस्यीय कैबिनेट में 4 पद खाली, प्रदर्शन बनेगा आधार
वर्तमान में मध्य प्रदेश मंत्रिमंडल में 4 पद रिक्त हैं, जिन्हें इस विस्तार के दौरान भरा जाना है। मुख्यमंत्री मोहन यादव इस बार मंत्रियों के कामकाज की रिपोर्ट कार्ड के आधार पर फेरबदल करने के मूड में हैं। जिन मंत्रियों का प्रदर्शन अपेक्षा के अनुरूप नहीं रहा, उन्हें हटाकर नए और ऊर्जावान चेहरों को मौका दिया जा सकता है। राजनीतिक नियुक्तियों की शुरुआत के बाद अब सबकी नजरें राजभवन में होने वाले शपथ ग्रहण समारोह की तारीख पर टिकी हुई हैं।
