Madhya Pradesh News: मध्य प्रदेश के सिवनी जिले से एक बहुत हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक विवाहित महिला ने अपने पति को छोड़कर प्रेमी संग रहने की जिद पकड़ ली। जब यह पारिवारिक विवाद थाने पहुंचा, तो पति ने कुछ ऐसा किया जिसकी किसी ने कल्पना नहीं की थी। पति ने खुशी-खुशी अपनी पत्नी को उसके प्रेमी के साथ विदा कर दिया। इस अनोखे मामले की चर्चा पूरे राज्य में बहुत तेजी से हो रही है।
प्रेमी के प्यार में पागल पत्नी पहुंची थाने, पति के सामने रखी शर्त
यह पूरा दिलचस्प मामला केवलारी थाना क्षेत्र का है। महिला की शादी कुछ साल पहले पूरे रीति-रिवाज के साथ हुई थी। लेकिन शादी के बाद महिला का किसी अन्य युवक से प्रेम प्रसंग शुरू हो गया। महिला अपने प्रेमी के प्यार में इस कदर पागल थी कि उसने घर बसाने से साफ इनकार कर दिया। उसने पति के सामने स्पष्ट रूप से कह दिया कि वह केवल अपने प्रेमी के साथ ही रहना चाहती है।
पुलिस ने की समझाने की कोशिश, फिर आपसी सहमति से बना समझौता
विवाद बढ़ने पर पति और पत्नी दोनों केवलारी थाने पहुंच गए। पुलिस अधिकारियों ने दोनों पक्षों को बैठाकर बहुत समझाने का प्रयास किया। पुलिस ने महिला को शादी का महत्व और सामाजिक मर्यादाओं का हवाला दिया। लेकिन महिला अपने प्रेमी के साथ जाने की अपनी जिद पर पूरी तरह अड़ी रही। इसके बाद पुलिस की मौजूदगी में पति और पत्नी के बीच एक खास लिखित समझौता हुआ। दोनों ने बिना किसी दबाव के आपसी सहमति से यह बड़ा फैसला लिया।
पति ने पेश की अनोखी मिसाल, पत्नी को प्रेमी के साथ किया विदा
इस समझौते के बाद थाने में एक बहुत अनोखा नजारा देखने को मिला। अक्सर ऐसे मामलों में भारी हंगामा और मारपीट होती है। लेकिन इस पति ने पूरी शांति और समझदारी का परिचय दिया। उसने अपनी पत्नी का सारा जरूरी सामान पैक करवाया और उसे सौंप दिया। इसके बाद पति ने अपनी पत्नी को उसके प्रेमी के साथ खुशी-खुशी वहां से विदा कर दिया। मौजूद पुलिसकर्मी भी पति का यह बड़ा दिल देखकर पूरी तरह हैरान रह गए।
समाज के लिए बना चर्चा का विषय, पुलिस ने ली राहत की सांस
यह घटना इलाके में चर्चा का विषय बन गई है। लोग पति की समझदारी की काफी तारीफ कर रहे हैं। इस फैसले से एक बड़ा पारिवारिक विवाद बहुत शांति से सुलझ गया। अगर पति कड़ा विरोध करता तो यह मामला कोर्ट तक पहुंच सकता था। पुलिस ने भी इस शांतिपूर्ण समाधान पर राहत की सांस ली है। जानकारों का मानना है कि आपसी सहमति से लिए गए ऐसे फैसले विवादों को हमेशा के लिए पूरी तरह खत्म कर देते हैं।
