कम लागत में कमाई का धंधा: मशरूम की खेती क्यों है किसानों की पहली पसंद?

Agriculture News: मशरूम की खेती आज के समय में बेहद लाभदायक और सरल व्यवसाय बन गई है। यह एक पोषक आहार भी है, जिसे सब्जी, अचार और पकौड़े के रूप में खाया जाता है। मशरूम में कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, मिनरल और विटामिन भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। कम जगह और कम समय में तैयार होने वाली यह फसल किसानों के लिए अच्छी कमाई का जरिया बन रही है।

दुनिया में सबसे ज्यादा मशरूम उत्पादन कहाँ होता है?

दुनिया में सबसे ज्यादा मशरूम की खेती चीन में होती है। चीन इस क्षेत्र में अग्रणी है और वैश्विक उत्पादन का सबसे बड़ा हिस्सा यहीं से आता है। यहाँ के किसान आधुनिक तकनीक अपनाकर बड़े पैमाने पर मशरूम उगाते हैं। चीन के अलावा अमेरिका, नीदरलैंड, भारत और जापान भी मशरूम उत्पादन में अहम भूमिका निभाते हैं। ये देश नई तकनीक और बेहतर संसाधनों का उपयोग करते हैं।

मशरूम की खेती क्यों हो रही है लोकप्रिय?

मशरूम की खेती तेजी से लोकप्रिय हो रही है। इसके लिए कम जगह और कम पानी की जरूरत होती है। इसे घर के अंदर भी आसानी से उगाया जा सकता है। बाजार में इसकी मांग लगातार बढ़ रही है, जिससे किसानों को अच्छा मुनाफा हो रहा है। कम समय में तैयार होने वाली यह फसल छोटे और सीमांत किसानों के लिए वरदान साबित हो रही है।

भारत में मशरूम की खेती: सोलन है ‘मशरूम सिटी’

भारत में भी मशरूम की खेती तेजी से बढ़ रही है। हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, महाराष्ट्र, तमिलनाडु और उड़ीसा में बड़े पैमाने पर इसकी खेती होती है। हिमाचल प्रदेश का सोलन शहर ‘भारत का मशरूम शहर’ कहलाता है। उत्तर-पूर्वी राज्यों और बिहार-झारखंड में भी मशरूम की खेती लोकप्रिय हो रही है। किसान अब इसकी ओर रुख कर रहे हैं।

मशरूम: सेहत का खजाना और किसानों की कमाई का जरिया

मशरूम में मौजूद प्रोटीन, विटामिन और मिनरल शरीर के लिए बहुत फायदेमंद होते हैं। यह एक कवकीय क्यूब होता है, जिसका इस्तेमाल कई व्यंजनों में किया जाता है। कम लागत और तेज रिटर्न के कारण किसान इसे अपना रहे हैं। सरकार भी मशरूम उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए सब्सिडी और प्रशिक्षण दे रही है। यह खेती ग्रामीण युवाओं के लिए रोजगार का एक बेहतर विकल्प बनकर उभरी है।

SOURCE: न्यूज एजेंसी
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