Himachal News: हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में शराब ठेकों की नीलामी पूरी हो गई है। तेलंगाना की कंपनी एपीटको ने कुल्लू के बाद मंडी में भी करोड़ों की बोली लगाकर दस्तक दी है। आबकारी विभाग ने सभी 358 ठेके नीलाम कर दिए हैं। इस बार सरकार को आरक्षित मूल्य से अधिक राजस्व मिला है। मंडी शहर के ठेके पुरानी कंपनी ने सात करोड़ में खरीदे हैं। नीलामी पूरी होने से बंद पड़ी शराब की दुकानें अब फिर से खुल जाएंगी।
तेलंगाना की कंपनी का बड़ा निवेश
नीलामी के अंतिम चरण में 26 राउंड तक कड़ी टक्कर देखने को मिली। इस लंबी प्रक्रिया में सरकाघाट, गोहर और करसोग के ठेकों पर अधिक समय लगा। तेलंगाना की फर्म एपीटको ने बड़ा निवेश करते हुए 11.32 करोड़ रुपये में 10 ठेके खरीदे हैं। इसमें करसोग क्षेत्र के छह, गोहर के तीन और सरकाघाट का एक ठेका शामिल है। कंपनी के अधिकारियों ने इन दुकानों का संचालन जल्द शुरू करने की तैयारी कर ली है। इससे बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी।
सरकारी खजाने में करोड़ों का इजाफा
आबकारी विभाग ने इस बार मंडी जिले के लिए 185 करोड़ रुपये का आरक्षित मूल्य तय किया था। मार्च महीने में शुरू हुई इस नीलामी प्रक्रिया के शुरुआती दौर में ही 300 ठेके 149.32 करोड़ रुपये में बिक गए थे। अंतिम चरण की नीलामी पूरी होने के बाद विभाग को कुल 186 करोड़, 12 लाख, चार हजार रुपये का राजस्व मिला है। यह तय किए गए आरक्षित मूल्य से एक करोड़ रुपये से अधिक है। इससे भारी वृद्धि हुई है।
मंडी शहर में पुरानी फर्म का कब्जा
मंडी शहर के ठेकों की नीलामी भी अंतिम चरण में फंसी हुई थी। अंततः ये ठेके सात करोड़ रुपये में नीलाम हो गए। शहर में एक पुरानी फर्म ने ही दोबारा से इन ठेकों पर अपना कब्जा बरकरार रखा है। नीलामी न होने के कारण शहर के कई ठेके कुछ दिनों तक पूरी तरह से बंद रहे थे। मंडी के आबकारी आयुक्त अरविंद शर्मा ने स्पष्ट किया है कि 186.12 करोड़ रुपये में सभी दुकानों की नीलामी संपन्न हुई है।
