India News: लोकसभा में महिला आरक्षण बिल का अहम संविधान संशोधन गिर गया है। इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र को संबोधित किया। करीब उन्तीस मिनट के भाषण में पीएम मोदी ने देश की माताओं और बहनों से माफी मांगी। उन्होंने विपक्ष पर तीखा और करारा हमला बोला। पीएम मोदी ने कहा कि हम हारे नहीं हैं और आगे भी प्रयास जारी रखेंगे। उन्होंने देश की आधी आबादी के सपनों को पूरा करने का अपना अटूट संकल्प भी दोहराया है।
महिलाओं के सपनों को बेरहमी से कुचला गया
पीएम मोदी ने अपने संबोधन की शुरुआत महिलाओं से बात करते हुए की। उन्होंने कहा कि आज पूरा भारत यह देख रहा है। नारी शक्ति की ऊंची उड़ान को जानबूझकर रोक दिया गया है। विपक्ष ने महिलाओं के सपनों को बहुत बेरहमी से कुचल दिया है। सरकार के भरसक प्रयासों के बाद भी सफलता नहीं मिली। नारी शक्ति वंदन अधिनियम में जरूरी संशोधन नहीं हो सका। इसके लिए मैं देश की सभी माताओं और बहनों से क्षमा मांगता हूं।
दल हित को देश हित से ऊपर रखा
प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि हमारे लिए देश हित हमेशा सर्वोपरि है। लेकिन विपक्ष के कुछ लोगों के लिए सिर्फ अपना दल हित ही सब कुछ होता है। जब दल हित को देश हित से बड़ा मान लिया जाता है, तो नुकसान होता है। इसका सबसे बड़ा खामियाजा देश की नारी शक्ति को ही उठाना पड़ा है। कांग्रेस, डीएमके, टीएमसी और समाजवादी पार्टी की स्वार्थी राजनीति ने भारी नुकसान किया है। इन दलों ने महिलाओं का हक छीना है।
टेबल की थाप नहीं, नारी स्वाभिमान पर प्रहार
पीएम मोदी ने संसद की घटना पर गहरा दुख प्रकट किया। उन्होंने कहा कि कल करोड़ों महिलाओं की नजर हमारी संसद पर टिकी थी। जब नारी हित का प्रस्ताव संसद में गिरा, तो परिवारवादी पार्टियां तालियां बजा रही थीं। महिलाएं अपने अधिकार छिनते देख रही थीं और नेता मेज थपथपा रहे थे। यह सिर्फ टेबल पर थाप नहीं थी। यह देश की हर नारी के स्वाभिमान पर किया गया सीधा और गहरा प्रहार था। ऐसा अपमान महिलाएं कभी नहीं भूलेंगी।
नारी अपना अपमान कभी नहीं भूलती
पीएम मोदी ने कहा कि नारी सब भूल सकती है लेकिन अपना अपमान नहीं। कांग्रेस और सहयोगियों के खराब व्यवहार की कसक महिलाओं के मन में रहेगी। महिलाएं जब भी अपने क्षेत्र में इन नेताओं को देखेंगी, तो अपमान याद आएगा। इन नेताओं ने संसद में आरक्षण रोकने का खुलेआम जश्न मनाया था। महिलाएं अब इन नेताओं की असली मंशा को अच्छी तरह समझ चुकी हैं। विपक्ष को इस बड़े पाप की भारी सजा जनता जरूर देगी।
संविधान निर्माताओं की भावनाओं का हुआ अपमान
विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए पीएम मोदी ने बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि इन दलों ने संविधान निर्माताओं की भावनाओं का अपमान किया है। यह संशोधन बिल किसी से कुछ छीनने के लिए नहीं लाया गया था। यह देश की महिलाओं को उनका सीधा अधिकार देने का पवित्र प्रयास था। चालीस साल से अटके नारी के हक को यह संशोधन पूरा करने वाला था। यह चुनाव से पहले महिलाओं को उचित हक देने का एक बड़ा कदम था।
महिलाओं को नई उड़ान देने का था महायज्ञ
पीएम मोदी ने बिल को महिलाओं के लिए अहम कदम बताया। यह बिल महिलाओं को नई उड़ान देने का एक बड़ा महायज्ञ था। देश की आधी आबादी को अधिकार देने का यह ईमानदार प्रयास था। इसका मुख्य उद्देश्य महिलाओं के रास्ते से सभी बाधाओं को हटाना था। सरकार नारी को देश की विकास यात्रा में मजबूत सहयात्री बनाना चाहती थी। यह पूरे भारत में महिलाओं की शक्ति को बढ़ाने का एक समान प्रयास था।
विपक्ष ने की इस ईमानदार प्रयास की भ्रूण हत्या
संबोधन को आगे बढ़ाते हुए प्रधानमंत्री ने विपक्ष पर अत्यंत गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि इस ईमानदार प्रयास की संसद में खुलेआम भ्रूण हत्या कर दी गई है। कांग्रेस और उसके सहयोगियों ने पूरे देश के सामने इस जघन्य कृत्य को अंजाम दिया है। टीएमसी, समाजवादी पार्टी और डीएमके जैसे दल इस भ्रूण हत्या के मुख्य गुनहगार हैं। पीएम मोदी ने इन सभी दलों को देश और नारी शक्ति का बहुत बड़ा अपराधी बताया है।
कांग्रेस ने हमेशा महिला आरक्षण में रोड़े अटकाए
प्रधानमंत्री ने कांग्रेस पार्टी की मंशा और उसके इतिहास पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी शुरू से ही महिला आरक्षण के विषय से नफरत करती है। कांग्रेस ने हमेशा से ही महिला आरक्षण को रोकने के लिए कई बड़े षड्यंत्र रचे हैं। आज तक जितनी बार भी प्रयास हुए, कांग्रेस ने हर बार इसमें बड़े रोड़े अटकाए हैं। इस बार भी कांग्रेस और उसके साथियों ने आरक्षण रोकने के लिए झूठ का सहारा लिया है।
परिवारवादी पार्टियों को सता रहा है अपना डर
विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए पीएम ने उनकी असली मंशा उजागर की। उन्होंने कहा कि इन परिवारवादी पार्टियों को महिला सशक्तिकरण से भारी डर लगता है। इन्हें डर है कि महिलाएं सशक्त हुईं तो इनका अपना नेतृत्व खतरे में पड़ जाएगा। ये दल कभी नहीं चाहते कि इनके परिवार के बाहर की महिलाएं आगे आएं। आज पंचायतों और स्थानीय निकायों में लाखों महिलाओं ने अपनी योग्यता को बहुत अच्छी तरह साबित किया है।
परिसीमन को लेकर लगातार बोला जा रहा है झूठ
पीएम मोदी ने कांग्रेस और सहयोगी दलों पर परिसीमन के नाम पर झूठ फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विपक्ष इसके जरिए देश में विभाजन की आग को सुलगाना चाहता है। कांग्रेस बांटो और राज करो की अंग्रेजों वाली पुरानी नीति पर आज भी चल रही है। सरकार ने स्पष्ट किया था कि परिसीमन से किसी राज्य का प्रतिनिधित्व कम नहीं होगा। इसके बावजूद कांग्रेस, डीएमके और टीएमसी जैसे दल सच्चाई मानने को तैयार नहीं हुए।
हर बड़े सुधार का कांग्रेस ने किया है विरोध
विपक्षी दल के इतिहास पर टिप्पणी करते हुए पीएम मोदी ने कई बड़े उदाहरण दिए। उन्होंने बताया कि कांग्रेस एक सुधार विरोधी पार्टी है जो देशहित के फैसलों का विरोध करती है। इसी कांग्रेस ने जनधन, डिजिटल पेमेंट, जीएसटी और सामान्य वर्ग के आरक्षण का विरोध किया था। इसके अलावा कांग्रेस ने तीन तलाक कानून और धारा 370 हटाने के खिलाफ भी काम किया। जैसे ही किसी सुधार का नाम आता है, कांग्रेस विरोध करने दौड़ पड़ती है।
अटकाना और भटकाना ही कांग्रेस का पुराना सिद्धांत
पीएम मोदी ने आरोप लगाया कि विकास कार्यों को अटकाना कांग्रेस की पुरानी आदत है। लटकाना, भटकाना और अटकाना ही कांग्रेस का असली सिद्धांत और उसका पुराना वर्क कल्चर रहा है। कांग्रेस के इस अड़ियल रवैये ने हमेशा हमारे पूरे देश का बहुत बड़ा नुकसान किया है। आज देश के सामने मौजूद कई बड़ी चुनौतियां कांग्रेस के इसी नकारात्मक रवैये से उपजी हुई हैं। इसलिए अब यह लड़ाई केवल एक कानून की नहीं, बल्कि इस मानसिकता के खिलाफ है।
हम हारे नहीं हैं, हमारा हौसला आज भी बुलंद है
अपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री ने देश की महिलाओं को एक बहुत बड़ा विश्वास दिलाया। उन्होंने कहा कि कल हमारे पास जरूरी संख्याबल नहीं था, लेकिन हम हार नहीं माने हैं। हमारा हौसला आज भी बहुत बुलंद है और हमारी हिम्मत पूरी तरह से अटूट है। हम महिला आरक्षण के रास्ते में आने वाली हर रुकावट को हमेशा के लिए खत्म करके रहेंगे। भविष्य में भी देश की आधी आबादी के लिए हमारे गंभीर प्रयास लगातार जारी रहेंगे।
