India News: महिला आरक्षण से जुड़ा संविधान संशोधन विधेयक लोकसभा में पास नहीं हो सका। इसके ठीक अगले दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज राष्ट्र को संबोधित करेंगे। वह रात 8:30 बजे देशवासियों को अपना संदेश देंगे। माना जा रहा है कि पीएम इस दौरान विधेयक की जरूरत को स्पष्ट करेंगे और विपक्षी दलों पर हमला बोल सकते हैं। भाजपा समेत एनडीए के घटक दल पहले से ही कांग्रेस, सपा और डीएमके को महिला विरोधी बता रहे हैं।
पीएम मोदी ने सांसदों से की थी ये अपील, बिल फिर भी नहीं पास हो सका
लोकसभा में वोटिंग से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया पर सभी सांसदों से आग्रह किया था। उन्होंने कहा था कि सांसद अपने घर में मां-बहन-बेटी-पत्नी का स्मरण करें और अपनी अंतरात्मा को सुनें। पीएम ने कहा था कि नारीशक्ति की सेवा का यह बड़ा अवसर है। उन्होंने सांसदों से आग्रह किया था कि वे महिलाओं को नए अवसरों से वंचित न करें। पीएम ने यह भी कहा था कि अगर यह संशोधन सर्वसम्मति से पारित होता है तो देश की नारीशक्ति और लोकतंत्र दोनों सशक्त होंगे। बावजूद इसके बिल को दो-तिहाई बहुमत नहीं मिल पाया।
विपक्ष पर आरोपों का सिलसिलेवार जवाब दे सकते हैं पीएम
आज रात के संबोधन में प्रधानमंत्री विपक्ष के आरोपों का जवाब दे सकते हैं। सत्ता पक्ष का आरोप है कि कांग्रेस, सपा, डीएमके और अन्य विपक्षी दलों ने मिलकर महिला आरक्षण का रास्ता रोका। पीएम इस मुद्दे पर देश के सामने अपनी बात रख सकते हैं। वह यह स्पष्ट कर सकते हैं कि सरकार महिलाओं के अधिकारों के लिए प्रतिबद्ध है और संशोधन विधेयक क्यों जरूरी था। यह संबोधन ऐसे समय में हो रहा है जब देश में कई विधानसभा चुनाव भी नजदीक हैं। राजनीतिक गलियारों में इसे लेकर चर्चा तेज हो गई है।
बिल फेल होने के बाद सरकार ने बदली रणनीति, जनता के बीच जाने की तैयारी
लोकसभा में बिल पास नहीं होने के बाद सरकार अब सीधे जनता के बीच जाने की तैयारी में है। प्रधानमंत्री का यह राष्ट्रीय संबोधन उसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। सरकार का कहना है कि विपक्ष ने महिलाओं का हक छीना है और अब जनता उन्हें इसकी कीमत चुकाएगी। वहीं विपक्ष का कहना है कि बिल में परिसीमन जैसे विवादास्पद प्रस्ताव थे, इसलिए उन्होंने इसका विरोध किया। अब देखना यह होगा कि पीएम मोदी आज रात अपने संबोधन में क्या नए संकेत देते हैं और क्या वह इस बिल को फिर से लाने की बात कहते हैं।
