Delhi News: दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बधाई संदेश पर खुशी जताई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कोई व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है। यह भारत और अमेरिका के मजबूत रिश्तों का एक बड़ा उदाहरण है। संधू ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की स्पष्ट सोच और दूरदर्शी विदेश नीति के कारण ही दोनों देशों के संबंध मजबूत हुए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि भारत-अमेरिका का यह रिश्ता दोनों देशों के राष्ट्रीय हितों से जुड़ा है और इसमें किसी एक व्यक्ति की भूमिका से अधिक साझा मूल्य काम कर रहे हैं।
मेरे कार्यकाल में भारत-अमेरिका रिश्ते साझेदारी में बदले, दोनों सरकारों को मिला समर्थन
तरनजीत सिंह संधू ने बताया कि उनके कार्यकाल के दौरान भारत और अमेरिका के संबंध सिर्फ औपचारिकता से आगे बढ़कर गहरी साझेदारी में बदल गए हैं। इस प्रक्रिया को दोनों देशों की अलग-अलग सरकारों का भी पूरा समर्थन मिला। संधू ने यह भी बताया कि पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने भी उनके काम की सराहना की थी। उन्होंने कहा कि इससे यह साफ हो जाता है कि भारत-अमेरिका संबंध किसी एक नेता या प्रशासन पर निर्भर नहीं हैं। ये रिश्ते संस्थागत हो चुके हैं और दोनों देशों की जनता की आकांक्षाओं का प्रतिनिधित्व करते हैं।
तकनीक, निवेश और इंडो-पैसिफिक में बढ़ता सहयोग, वैश्विक स्तर पर सकारात्मक असर
दिल्ली के उपराज्यपाल ने कहा कि दोनों देशों के बीच तकनीक, निवेश और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सहयोग लगातार बढ़ रहा है। इसका सकारात्मक असर वैश्विक स्तर पर भी देखने को मिल रहा है। भारत और अमेरिका मिलकर रक्षा, अंतरिक्ष, सेमीकंडक्टर और कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसे क्षेत्रों में काम कर रहे हैं। संधू ने कहा कि इस साझेदारी से दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं को मजबूती मिल रही है। उन्होंने कहा कि भारत-अमेरिका का रिश्ता अब सिर्फ द्विपक्षीय नहीं रह गया है, बल्कि वैश्विक स्थिरता और समृद्धि के लिए एक मिसाल बन गया है। आने वाले समय में इसमें और विस्तार होगा।
