World News: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में शनिवार को अचानक भारी तनाव पैदा हो गया। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड ने एक टैंकर पर अचानक फायरिंग शुरू कर दी। इस खतरनाक घटना के कारण होर्मुज में मौजूद दो भारतीय जहाजों को तुरंत वापस लौटना पड़ा। इनमें से एक भारतीय जहाज पर बीस लाख बैरल तेल लदा था। राहत की बात यह है कि भारतीय क्रू सुरक्षित है। भारत सरकार ने कड़ा कदम उठाते हुए ईरानी राजदूत को तलब किया है।
ईरान की गनबोट्स द्वारा फायरिंग
शनिवार को होर्मुज जलडमरूमध्य में दो ईरानी गनबोट्स ने एक बड़े टैंकर पर गोलियां चलाईं। ब्रिटेन के समुद्री व्यापार संचालन केंद्र ने हमले की पुष्टि की है। कप्तान ने बताया कि रिवोल्यूशनरी गार्ड्स की गनबोट्स बिना रेडियो चेतावनी के करीब आईं। उन्होंने ओमान से 37 किलोमीटर दूर हमले को अंजाम दिया। गनीमत रही कि टैंकर और उसका पूरा चालक दल सुरक्षित बच गया। अधिकारी घटना की गहन जांच कर रहे हैं।
अमेरिकी नाकाबंदी के जवाब में कड़ा कदम
ईरान ने शनिवार को ही होर्मुज में सख्त पाबंदियां लागू करने का बड़ा ऐलान किया है। ईरानी सेना का कहना है कि अमेरिका ने उनके बंदरगाहों पर नाकेबंदी कर रखी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नौसैनिक नाकाबंदी पूरी ताकत से जारी रखने की बात कही थी। इसके ठीक एक दिन बाद ईरान ने यह आक्रामक कदम उठाया है। संयुक्त सैन्य कमान ने कहा है कि होर्मुज उनके सख्त नियंत्रण में है।
भारत ने ईरानी राजदूत को किया तलब
ईरान की चेतावनी है कि जब तक अमेरिकी नाकाबंदी रहेगी, वे जलडमरूमध्य से आवागमन रोकेंगे। इस बीच भारतीय जहाजों की सुरक्षा पर नई दिल्ली में चिंता बढ़ गई है। भारत ने तुरंत एक्शन लेते हुए ईरानी राजदूत को स्पष्टीकरण के लिए बुलाया है। सरकारी सूत्रों ने साफ किया है कि किसी भी भारतीय जहाज को नुकसान नहीं पहुंचा है। तनावपूर्ण माहौल में नौसेना सुरक्षा पर कड़ी नजर रख रही है।
