UP News: उत्तर प्रदेश में चुनाव से पहले सियासी हलचल तेज हो गई है। फतेहपुर में एक गरीब चाय वाले ने अपनी दुकान हमेशा के लिए बंद कर दी है। खौफजदा दुकानदार ने अपना गांव भी छोड़ दिया है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने इसी दुकान पर चाय पी थी। आरोप है कि इसके बाद से ही परिवार को लगातार परेशान किया जा रहा था। खाद्य विभाग की अचानक छापेमारी के बाद यह पूरा राजनीतिक मामला काफी ज्यादा गरमा गया है।
अखिलेश यादव के दौरे के बाद शुरू हुआ विवाद
सुल्तानपुर घोष थाना क्षेत्र के चौकी चौराहे पर शेषमणी यादव की चाय की दुकान है। बीती बीस फरवरी को अखिलेश यादव एक शादी समारोह में शामिल होने फतेहपुर आए थे। लौटते समय उन्होंने इसी दुकान पर रुककर चाय पी थी। उन्होंने चाय पीते हुए अपनी तस्वीरें सोशल मीडिया पर भी साझा की थीं। इसके बाद पंद्रह अप्रैल को खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने अचानक दुकान पर छापा मारा। टीम ने चाय पत्ती का नमूना जांच के लिए भेजा।
दुकानदार के बेटे ने सोशल मीडिया पर बयां किया दर्द
लगातार परेशानी से तंग आकर दुकानदार ने काम बंद कर दिया है। बेटे आर्यन ने फेसबुक पर एक भावुक पोस्ट लिखी है। आर्यन ने बताया कि वह एक गरीब परिवार से संबंध रखता है। जब से पूर्व मुख्यमंत्री ने उनके यहां चाय पी है, तब से दबंग गालियां देते हैं। सरकारी अधिकारी भी बिना वजह परेशान करते हैं। लड़ाई-झगड़े से बचने के लिए यह परिवार अपना घर और गांव छोड़कर हमेशा के लिए जा रहा है।
प्रशासन ने दी सफाई, सभी आरोपों को बताया पूरी तरह निराधार
इस मामले पर प्रशासन ने अपना स्पष्टीकरण दिया है। सहायक आयुक्त खाद्य राजेश दीक्षित ने दुकानदार के आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई एक अप्रैल को मिली ऑनलाइन शिकायत के आधार पर हुई थी। अधिकारी के अनुसार दुकान का लाइसेंस साल दो हजार अठाईस तक पूरी तरह वैध है। विभाग के पास दुकान को सीधे सील करने का कोई अधिकार नहीं है। उसी दिन अन्य दुकानों पर भी रूटीन चेकिंग की गई थी।
