India News: भारतीय वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह ने अमेरिका में दुनिया के सबसे आधुनिक लड़ाकू विमान F-15EX ईगल II में उड़ान भरकर सामरिक गलियारों में हलचल मचा दी है। नेवादा के नेलिस एयर फोर्स बेस से भरी गई इस उड़ान को भारत-अमेरिका के बीच प्रगाढ़ होते रक्षा संबंधों का प्रतीक माना जा रहा है। इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में चीन की बढ़ती चुनौतियों के बीच भारतीय वायुसेना प्रमुख का यह अनुभव भविष्य की युद्ध रणनीतियों के लिए बेहद अहम साबित हो सकता है।
आसमान का ‘मिसाइल ट्रक’ क्यों कहलाता है F-15EX?
बोइंग द्वारा विकसित F-15EX ईगल II को ‘मिसाइल ट्रक’ की उपाधि दी गई है। यह 4.5 जेनरेशन का विमान अपनी श्रेणी में सबसे अधिक हथियार ले जाने में सक्षम है। यह फाइटर जेट लगभग 13,381 किलोग्राम वजनी घातक मिसाइलें और बम लेकर मैक 2.5 की रफ्तार से उड़ सकता है। इसकी सबसे बड़ी शक्ति एक साथ 12 हवा से हवा में मार करने वाली AMRAAM मिसाइलें ले जाने की क्षमता है। भविष्य में इसे हाइपरसोनिक हथियारों से लैस करने की योजना भी तैयार है।
क्या राफेल से भी ज्यादा ताकतवर है यह अमेरिकी लड़ाकू विमान?
रक्षा विशेषज्ञ अक्सर F-15EX की तुलना राफेल जैसे आधुनिक विमानों से करते हैं। पेलोड और रेंज के मामले में यह राफेल से कहीं अधिक भारी-भरकम स्ट्राइक प्लेटफॉर्म साबित होता है। इसमें अत्याधुनिक AESA रडार और डिजिटल फ्लाई-बाय-वायर कंट्रोल सिस्टम लगा है। यह विमान एडवांस इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम (EPAWSS) से लैस है। यह खूबी इसे दुश्मन के सबसे मजबूत एयर डिफेंस सिस्टम को भेदकर सटीक स्टैंड-ऑफ अटैक करने की विशेष ताकत प्रदान करती है।
पेंटागन में हुई उच्चस्तरीय रणनीतिक वार्ता
एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह ने पेंटागन में अमेरिकी वायुसेना प्रमुख जनरल केन विल्सबैक से भी मुलाकात की। दोनों देशों के सैन्य प्रमुखों ने क्षेत्रीय सुरक्षा और इंटरऑपरेबिलिटी को मजबूत करने पर गहन चर्चा की। अमेरिकी पक्ष ने भारत के साथ रक्षा साझेदारी को इंडो-पैसिफिक में स्थिरता का आधार बताया। जनरल विल्सबैक ने भारत द्वारा MQ-9B स्काई गार्जियन ड्रोन खरीदने के फैसले का स्वागत किया। उन्होंने भरोसा दिया कि अमेरिका इन तकनीकों के उपयोग में पूरा सहयोग करेगा।
इंडो-पैसिफिक की सुरक्षा और भविष्य का रक्षा रोडमैप
IAF चीफ का यह दौरा केवल एक जेट की उड़ान तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने नेलिस बेस पर उन्नत युद्ध प्रशिक्षण और ऑपरेशनल टेस्टिंग का बारीकी से निरीक्षण किया। बैठकों में संयुक्त सैन्य अभ्यास बढ़ाने और आधुनिक तकनीकों के त्वरित आदान-प्रदान पर सहमति बनी। बदलते वैश्विक परिदृश्य में भारत और अमेरिका का यह सामरिक तालमेल चीन के लिए बड़ा संदेश है। यह दौरा स्पष्ट करता है कि दोनों देशों की सैन्य साझेदारी अब एक नई और निर्णायक ऊंचाई की ओर बढ़ रही है।
