International News: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खोलने के ईरान के ऐलान के बाद भी अमेरिकी नाकाबंदी जारी है। इससे दोनों देशों के बीच तनाव फिर बढ़ गया है। अब होर्मुज से गुजरने की कोशिश करने वाले दर्जनों जहाज वापस लौटते देखे जा रहे हैं। ईरान की सरकारी प्रेस ने जहाजों के ट्रैकिंग डेटा वाला एक वीडियो जारी किया है। वीडियो में साफ दिख रहा है कि जहाजों का काफिला वापस मुड़ रहा है। हालांकि अभी तक होर्मुज बंद करने की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
ईरान का सख्त संदेश- दुश्मनों के जहाजों को कोई अधिकार नहीं
ईरान की ओर से शेयर किए गए वीडियो में एक सख्त संदेश लिखा है। इसमें कहा गया है, “सैन्य जहाजों और शत्रुओं के जहाजों को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने का कोई अधिकार नहीं।” इस संदेश के साथ जहाजों के लौटने का नजारा साफ संकेत देता है कि ईरान ने फिर से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद कर दिया है। यह कदम तब उठा है जब ईरान ने पहले ही चेतावनी दे दी थी। तेहरान ने कहा था कि अगर अमेरिका ने अपनी नौसैनिक नाकाबंदी नहीं हटाई तो होर्मुज को फिर से बंद कर दिया जाएगा।
ट्रंप ने दी बुधवार तक की डेडलाइन, बमबारी की धमकी दोहराई
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को अल्टीमेटम दे रखा है। उन्होंने कहा है कि जब तक ईरान के साथ अंतिम समझौता नहीं हो जाता, नाकाबंदी जारी रहेगी। ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर ईरान ने बुधवार तक अमेरिकी शर्तें नहीं मानीं और समझौते पर हस्ताक्षर नहीं किए, तो वह तेहरान पर फिर से बम बरसाना शुरू कर देंगे। उन्होंने संघर्ष विराम को आगे बढ़ाने से भी इनकार कर दिया है। अमेरिका साफ कर चुका है कि ईरान के पास या तो डील करने का विकल्प है या फिर दोबारा बमबारी झेलने को तैयार रहना होगा।
ईरान ने यूरेनियम छोड़ने से किया इनकार, कहा- यह हमारी धरती की तरह पवित्र
ट्रंप ने पहले दावा किया था कि ईरान अपना परमाणु कार्यक्रम और समृद्ध यूरेनियम छोड़ने को तैयार हो गया है। लेकिन ईरान ने इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया है। ईरानी नेताओं ने यूरेनियम संवर्धन को अपनी धरती की तरह पवित्र बताया है। उनका कहना है कि इसे न तो छोड़ा जा सकता है और न ही किसी दूसरे देश को ट्रांसफर किया जा सकता है। ईरान के इस रुख ने अमेरिका के लिए मुश्किलें बढ़ा दी हैं। अब देखना यह है कि बुधवार की डेडलाइन से पहले कोई समाधान निकल पाता है या फिर तनाव और बढ़ता है।
होर्मुज में जहाजरानी ठप, वैश्विक तेल आपूर्ति पर संकट गहराया
होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों का लौटना एक बड़ा संकेत है। इस रास्ते से दुनिया के करीब 20 फीसदी तेल की सप्लाई होती है। ईरान के कदम से वैश्विक तेल बाजार में फिर से उथल-पुथल मच सकती है। फिलहाल अमेरिकी नाकाबंदी के चलते कई देश पहले से ही तेल संकट का सामना कर रहे हैं। अगर होर्मुज पूरी तरह बंद हो जाता है, तो कीमतें आसमान छू सकती हैं। अंतरराष्ट्रीय शिपिंग कंपनियां अब इस रास्ते से बचने के विकल्प तलाश रही हैं। आने वाले घंटों में दोनों देशों की ओर से कोई बड़ा बयान आ सकता है।
