International News: ईरान ने स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को सभी व्यापारिक जहाजों के लिए पूरी तरह खोलने का एलान कर दिया है। इसके ठीक उलट अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि ईरान के खिलाफ 100 प्रतिशत समझौता होने तक अमेरिकी नौसेना की नाकाबंदी जारी रहेगी। इस बीच ट्रंप ने ईरान के परमाणु यूरेनियम को अमेरिकी क्षेत्र में स्थानांतरित करने की बात कही, जिसे ईरान ने तुरंत खारिज कर दिया। उन्होंने पाकिस्तानी नेतृत्व की जमकर तारीफ भी की।
हॉर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिकी नाकाबंदी पूरी तरह लागू
राष्ट्रपति ट्रंप ने स्पष्ट किया कि ईरान के साथ किसी भी समझौते का लेबनान से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने कहा कि अमेरिका लेबनान को फिर से मजबूत और स्थिर बनाने के लिए हर संभव प्रयास करेगा। ट्रंप ने लेबनान की जनता को आश्वासन देते हुए कहा, ‘हम लेबनान को फिर से महान बनाएंगे।’ यह बयान ऐसे समय आया है जब पूरे मध्य पूर्व में तनाव चरम पर है। अमेरिकी नौसेना हॉर्मुज में सुरक्षा कारणों से अपनी सख्त मौजूदगी बनाए हुए है।
ईरान का समृद्ध यूरेनियम अमेरिका ले जाने का दावा
डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि नए शांति समझौते के तहत ईरान संयुक्त रूप से खनन मशीनों का उपयोग करके अपने परमाणु स्थलों से समृद्ध यूरेनियम निकालेगा। ट्रंप ने कहा, ‘यह यूरेनियम सुरक्षा जांच के लिए सीधे अमेरिकी क्षेत्र में भेजा जाएगा।’ उन्होंने जोर देकर कहा कि सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होने दिया जाएगा। हालांकि, ईरान के विदेश मंत्रालय ने तुरंत इस दावे को खारिज कर दिया और इसे प्रचार करार दिया। फिलहाल इस मामले में कोई औपचारिक पुष्टि नहीं हुई है।
पाकिस्तानी नेतृत्व की तारीफ और युद्धों का दावा
अपने संबोधन में ट्रंप ने पाकिस्तान के नेतृत्व की जमकर तारीफ की। उन्होंने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री और वहां के फील्ड मार्शल को ‘अद्भुत लोग’ बताया और उनके सहयोग के लिए धन्यवाद दिया। ट्रंप ने अपनी उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि वह अब तक आठ युद्ध समाप्त करा चुके हैं। उन्होंने कहा कि अगर ईरान और लेबनान की मौजूदा स्थिति को शांति में बदल दिया जाए तो यह संख्या दस हो जाएगी। उनके इस बयान ने कूटनीतिक गलियारों में चर्चा पैदा कर दी है।
हॉर्मुज में जहाजरानी पर संकट जारी
स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज दुनिया के सबसे अहम समुद्री रास्तों में से एक है। यहां से दुनिया के कुल तेल उत्पादन का लगभग 20 प्रतिशत गुजरता है। ईरान के खोलने के एलान के बावजूद अमेरिकी नाकाबंदी ने नए सिरे से चिंता बढ़ा दी है। अंतरराष्ट्रीय शिपिंग कंपनियां फिलहाल सतर्कता बरत रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि दोनों देशों के बीच जारी तनाव से वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित हो सकती है। फिलहाल अमेरिकी नौसेना की ओर से कोई नरमी नहीं दिख रही है।
लेबनान को लेकर अमेरिका की प्रतिबद्धता
राष्ट्रपति ट्रंप ने साफ किया कि ईरान समझौता लेबनान से जुड़ा नहीं है, लेकिन अमेरिका लेबनान की स्थिरता के लिए काम करेगा। यह बयान ऐसे समय आया है जब लेबनान गंभीर आर्थिक और राजनीतिक संकट से जूझ रहा है। ट्रंप के ‘वी विल मेक इट ग्रेट अगेन’ वाले बयान को वहां के कई लोगों ने उम्मीद की किरण के तौर पर देखा। हालांकि, अमेरिकी प्रशासन ने अब तक कोई ठोस योजना पेश नहीं की है। लेबनान में संयुक्त राष्ट्र की मौजूदगी भी बनी हुई है।
