Mark Zuckerberg का अनोखा प्रयोग: अरबपति बना रहा अपना AI क्लोन, कर्मचारियों से खुद करेगा मीटिंग

Tech News: मार्क जकरबर्ग दुनिया के सबसे अमीर लोगों में से एक हैं। अब वह अपना डिजिटल क्लोन बनवा रहे हैं। यह कोई इंसानी हमशक्ल नहीं, बल्कि एक AI पावर्ड 3D वर्शन होगा। इस क्लोन का इस्तेमाल कर्मचारियों के साथ मीटिंग करने के लिए किया जाएगा। मेटा का यह प्रोजेक्ट अभी शुरुआती चरण में है।

21.2 लाख करोड़ की नेटवर्थ वाले मार्क जकरबर्ग कौन हैं?

मेटा के फाउंडर मार्क जकरबर्ग की कुल संपत्ति लगभग 21.2 लाख करोड़ रुपये है। वह दुनिया के पांचवें सबसे अमीर शख्स हैं। साल 2008 में 23 साल की उम्र में वह सबसे कम उम्र के सेल्फ-मेड अरबपति बने थे। यह रिकॉर्ड उनके पास कई सालों तक रहा, लेकिन 2025 में इसने तोड़ दिया गया।

मेटा बना रहा फोटोरियलिस्टिक 3D AI वर्शन

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार मेटा कंपनी अपने CEO मार्क जकरबर्ग का एक फोटोरियलिस्टिक, AI-पावर्ड 3D वर्शन डेवलप कर रही है। इसका मकसद उनकी जगह कर्मचारियों से बातचीत करना है। यह पहल कंपनी की कई अरब डॉलर की रणनीति का हिस्सा है। मेटा अपने टेक्नोलॉजी ग्रुप को जेनरेटिव AI के आसपास नए सिरे से तैयार कर रही है।

AI क्लोन के जरिए कर्मचारी कर सकेंगे रियल टाइम इंटरैक्ट

मेटा ऐसे फोटोरियलिस्टिक AI-पावर्ड 3D कैरेक्टर्स पर काम कर रही है। यूजर्स इनसे रियल टाइम में बातचीत कर सकेंगे। कंपनी ने हाल ही में जकरबर्ग के AI कैरेक्टर को प्राथमिकता देना शुरू कर दिया है। इस कैरेक्टर को उनके हाव-भाव, आवाज, लहजे और पब्लिक बयानों के आधार पर ट्रेन किया जा रहा है।

जकरबर्ग खुद कर रहे AI क्लोन की ट्रेनिंग और टेस्टिंग

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मार्क जकरबर्ग इस एनिमेटेड AI की ट्रेनिंग और टेस्टिंग में खुद शामिल हैं। यह AI क्लोन कर्मचारियों से बात कर सकेगा और उन्हें फीडबैक भी दे सकेगा। इससे कर्मचारी खुद को कंपनी के फाउंडर से अधिक जुड़ा हुआ महसूस करेंगे। यह प्रोजेक्ट अभी शुरुआती चरण में है।

पहले ‘CEO एजेंट’ प्रोजेक्ट से अलग है यह नया एजेंट

पहले मेटा पर ‘सीईओ एजेंट’ नाम के प्रोजेक्ट की चर्चा थी। लेकिन मौजूदा एजेंट उससे अलग है। इसे जकरबर्ग को उनके ऑपरेशनल कामों में मदद करने के लिए बनाया जा रहा है। इन कामों में तेजी से जानकारी हासिल करना शामिल है। मेटा इस तकनीक के जरिए कार्यक्षमता बढ़ाने की कोशिश कर रही है।

जकरबर्ग का रिकॉर्ड तोड़ने वाले युवा फाउंडर्स

2025 के आखिर में तीन युवा फाउंडर्स ने जकरबर्ग का रिकॉर्ड तोड़ा। AI रिक्रूटिंग स्टार्टअप Mercor के ब्रेंडन फूडी, अदाश हिमत और सूर्य मिधा 22 साल की उम्र में अरबपति बने। उनकी कंपनी की वैल्यूएशन 10 अरब डॉलर है। यह दिखाता है कि AI स्टार्टअप्स में कितनी संभावनाएं हैं। मेटा भी इसी दिशा में तेजी से काम कर रही है।

SOURCE: न्यूज एजेंसी
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