बिहार के 24वें CM बने सम्राट चौधरी: BJP को पहली बार मिला मुख्यमंत्री का कमान, RJD-JDU से लेकर ABVP तक रहा सफर

Bihar News: बिहार के राजनीतिक इतिहास में बुधवार का दिन ऐतिहासिक रहा। सम्राट चौधरी ने पटना के लोकभवन में बिहार के 24वें मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। राज्यपाल सैय्यद अता हसनैन ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। पहली बार किसी भाजपा नेता ने यह पद संभाला है।

सुबह 10:50 बजे लोकभवन में हुआ भव्य शपथग्रहण समारोह

सम्राट चौधरी ने बुधवार सुबह 10:50 बजे पटना के लोकभवन में मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। इस अवसर पर बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन, केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, चिराग पासवान और जीतन राम मांझी मौजूद रहे। समारोह में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे।

जेडीयू कोटे से दो नेताओं ने ली उपमुख्यमंत्री पद की शपथ

सम्राट चौधरी के साथ जेडीयू कोटे से विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली। तीनों नेताओं ने राज्यपाल से पद और गोपनीयता की शपथ ग्रहण की। शपथग्रहण के बाद सम्राट चौधरी ने अपने संबोधन में राज्य के विकास को प्राथमिकता देने की बात कही।

खगड़िया जिले में 1968 में हुआ था जन्म, पिता भी रहे मंत्री

सम्राट चौधरी का जन्म 16 नवंबर 1968 को बिहार के खगड़िया जिले में हुआ। उनके पिता शकुनी चौधरी भी बिहार सरकार में मंत्री रह चुके हैं। उन्हें राजनीति विरासत में मिली, लेकिन उन्होंने अपनी मेहनत से अलग पहचान बनाई। उन्होंने शुरुआती शिक्षा बिहार से ही पूरी की।

छात्र राजनीति से शुरू हुआ सफर, ABVP से जुड़े

सम्राट चौधरी ने छात्र राजनीति के जरिए अपने करियर की शुरुआत की। वे अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) से जुड़े, जो RSS की छात्र इकाई है। यहीं से उन्होंने संगठन कौशल और जनसंपर्क की कला सीखी। उनकी पकड़ जमीनी स्तर पर मजबूत रही है।

RJD से विधायक बने, फिर JDU में मंत्री पद संभाला

सम्राट चौधरी का राजनीतिक सफर कई दलों से होकर गुजरा। शुरुआत में वे राष्ट्रीय जनता दल (RJD) से जुड़े और विधायक बने। बाद में उन्होंने जनता दल यूनाइटेड (JDU) का रुख किया। जेडीयू सरकार में वे राज्य मंत्री भी बने। 2018 में उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थाम लिया।

BJP में शामिल होने के बाद संगठन में मिली अहम जिम्मेदारी

बीजेपी में आने के बाद सम्राट चौधरी की राजनीतिक स्थिति और मजबूत हुई। 2023 में उन्हें बिहार बीजेपी का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया। वे खास तौर पर पिछड़े वर्ग (OBC) के मजबूत नेता माने जाते हैं। इस वर्ग में उनकी अच्छी पकड़ है, जिसका फायदा पार्टी को चुनावों में मिलता रहा है।

तेज-तर्रार बयानों और आक्रामक शैली के लिए जाने जाते हैं

सम्राट चौधरी अपने तेज-तर्रार बयानों और आक्रामक राजनीतिक शैली के लिए चर्चित हैं। वे अक्सर बिहार की सियासत में बड़े मुद्दों पर खुलकर अपनी राय रखते हैं। 2024 के चुनावों के बाद उनकी भूमिका और अहम हो गई है। वे विपक्ष के खिलाफ बीजेपी की रणनीति तैयार करने में सक्रिय हैं।

पत्नी ममता चौधरी, सामाजिक और धार्मिक गतिविधियों में रहते हैं सक्रिय

व्यक्तिगत जीवन की बात करें तो सम्राट चौधरी एक पारिवारिक व्यक्ति हैं। उनकी पत्नी का नाम ममता चौधरी है। वे सामाजिक और धार्मिक गतिविधियों में भी सक्रिय रहते हैं। राजनीति से इतर वे जनहित के मुद्दों पर लगातार काम करते आए हैं। अब मुख्यमंत्री बनने के बाद उन पर राज्य की जनता की बड़ी जिम्मेदारी है।

SOURCE: न्यूज एजेंसी
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