बिहार: बढ़ती गर्मी के बीच पेयजल आपूर्ति को लेकर लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग हुआ सक्रिय, अधिकारियों को सख्त निर्देश

Bihar News: राज्य में तापमान बढ़ने के साथ ही पेयजल व्यवस्था को लेकर प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग ने ‘हर घर नल का जल’ योजना की समीक्षा के लिए उच्चस्तरीय बैठक बुलाई। बैठक में अधिकारियों को जलापूर्ति में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त न करने के निर्देश दिए गए हैं।

गर्मी के मौसम में पेयजल संकट से निपटने की तैयारी

बिहार सरकार ने बढ़ती गर्मी को देखते हुए पेयजल आपूर्ति की निरंतरता सुनिश्चित करने के लिए त्वरित कदम उठाए हैं। विशेष सचिव संजीव कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में तीन प्रमंडलों की जलापूर्ति योजनाओं का गहन परीक्षण किया गया। अधिकारियों को नियमित रूप से क्षेत्र का दौरा करने और जल की गुणवत्ता जांचने के सख्त आदेश दिए गए हैं।

बक्सर, भभुआ और सासाराम प्रमंडलों की प्रगति की समीक्षा

बैठक में बक्सर, भभुआ (कैमूर) और सासाराम (रोहतास) प्रमंडलों में चल रही योजनाओं की स्थिति की विस्तृत समीक्षा हुई। कार्यपालक अभियंताओं को निर्देश दिया गया कि वे योजनाओं की जमीनी हकीकत का आकलन करें और जलापूर्ति की निरंतरता बनाए रखें। साथ ही मौजूदा जल व्यवस्था से जुड़ी शिकायतों के निपटारे को प्राथमिकता देने को कहा गया।

एमआईएस पोर्टल पर तस्वीरें अपलोड करना अनिवार्य

मुख्यालय से प्रतिनियुक्त सहायक अभियंताओं को लंबित योजनाओं को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्हें हर निर्माण कार्य का स्थल निरीक्षण करना होगा और संबंधित तस्वीरें एमआईएस पोर्टल पर अपलोड करनी होंगी। इस कदम से योजनाओं की पारदर्शी मॉनिटरिंग संभव हो सकेगी और जनता को शुद्ध पेयजल समय पर मिल सकेगा।

सीजीआरसी में लंबित शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई के निर्देश

विभाग ने सीजीआरसी (मुख्यमंत्री जनता की राहत समिति) में दर्ज लंबित शिकायतों की गहन जांच करने का आदेश दिया है। अधिकारियों को हर शिकायत की अद्यतन रिपोर्ट मुख्यालय भेजनी होगी, ताकि निष्पादन की लगातार समीक्षा होती रहे। इस प्रक्रिया से शिकायतों के समाधान में पारदर्शिता और गति आने की उम्मीद है।

लापरवाही पर एजेंसियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी

बैठक में साफ कर दिया गया कि अगर कोई जलापूर्ति योजना तय समयसीमा में पूरी नहीं हुई तो संबंधित एजेंसी के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई होगी। ठेकेदारों की लापरवाही से जल व्यवस्था प्रभावित होने पर भी दंडात्मक कार्रवाई का प्रावधान है। विभाग ने सभी अधिकारियों को पूरी सतर्कता और जिम्मेदारी के साथ काम करने का निर्देश दिया है।

भू-जल स्तर की निगरानी और वैकल्पिक व्यवस्था पर जोर

बढ़ती गर्मी के मद्देनजर विभाग ने भू-जल स्तर की लगातार निगरानी करने के आदेश दिए हैं। संभावित जल संकट की स्थिति में अधिकारियों को तुरंत वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है। लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग का फोकस आम लोगों तक निर्बाध और शुद्ध पेयजल पहुंचाने पर है, जिसके लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है।

SOURCE: न्यूज एजेंसी
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