हिमाचल में पानी के बिलों ने बढ़ाई सरकार की टेंशन, खाली सरकारी आवासों पर करोड़ों का बकाया!

Himachal News: हिमाचल प्रदेश में सरकारी आवासों के पानी के बिल का मामला गहरा गया है। राज्य में खाली पड़े आवासों का करोड़ों रुपये का बिल बकाया है। जल शक्ति विभाग और शिमला जल प्रबंधन निगम ने भारी भरकम बिल जारी किए हैं। नियमों की पेचीदगी के कारण इन बिलों का भुगतान अटका हुआ है। विभाग ने अंतिम फैसले के लिए पूरी फाइल राज्य सरकार को भेज दी है। अब सरकार को इस जटिल वित्तीय मामले पर जल्द ही कोई ठोस निर्णय लेना होगा।

दो करोड़ अट्ठासी लाख रुपये के भारी भरकम बिल जारी

हिमाचल प्रदेश में कुल एक हजार नौ सौ अट्ठासी सरकारी आवासों का बिल फंसा है। जल प्रबंधन निगम और जल शक्ति विभाग ने लगभग दो करोड़ अट्ठासी लाख रुपये के बिल दिए हैं। सबसे बड़ी समस्या खाली पड़े आवासों की है। पुराने अधिकारियों के जाने के बाद नए आवंटन में काफी देरी हुई है। इस लंबी देरी के कारण पानी का बिल लगातार बढ़ता गया। अब यह बकाया राशि एक बहुत बड़ी वित्तीय चुनौती बन चुकी है।

शिमला शहर में बकाया बिलों की स्थिति सबसे ज्यादा खराब

इन लंबित मामलों में सबसे ज्यादा खराब स्थिति राजधानी शिमला की है। अकेले शिमला शहर में एक हजार छह सौ पचास सरकारी आवासों का बिल अटका है। इन आवासों का कुल बकाया करीब दो करोड़ अठहत्तर लाख रुपये है। शिमला शहर में पानी की सप्लाई शिमला जल प्रबंधन निगम करता है। इसके अलावा अन्य जिलों में दो सौ अट्ठासी सरकारी आवास मौजूद हैं। इन बाहरी क्षेत्रों का करीब दस लाख इक्यानवे हजार रुपये का बिल बकाया चल रहा है।

ऑनलाइन अपडेट हुए बिल, अब सरकार के फैसले का इंतजार

जल शक्ति विभाग ने सभी सरकारी आवासों में पानी के आधुनिक मीटर लगाए हैं। यह विभाग मीटर की रीडिंग के अनुसार ही बिल जारी करता है। अब बिल जारी करने की पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन कर दिया गया है। भुगतान न होने के कारण पोर्टल पर ये सभी बिल पेंडिंग दिख रहे हैं। उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि सरकार जल्द ही इस वित्तीय मामले पर अपना अंतिम निर्णय लेगी।

SOURCE: न्यूज एजेंसी
/ month
placeholder text

Hot this week

Topics

Related Articles

Popular Categories