UP News: बदायूं जिले के बिजली उपभोक्ताओं के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। केंद्र सरकार ने स्मार्ट मीटर के नियमों में अहम बदलाव किया है। अब उपभोक्ताओं पर प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगाने का दबाव नहीं होगा। लोग अपनी मर्जी और जरूरत के हिसाब से प्रीपेड या पोस्टपेड स्मार्ट मीटर का विकल्प चुन सकते हैं। केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण ने इस नई व्यवस्था को लागू कर दिया है। यह फैसला लाखों बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी सहूलियत देगा।
प्रीपेड या पोस्टपेड चुनने की मिली पूरी आजादी
केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण ने एक अप्रैल 2026 को नई अधिसूचना जारी की है। इस नए नियम के तहत घरों में स्मार्ट मीटर लगाना तो अनिवार्य रहेगा। लेकिन, बिलिंग का तरीका पूरी तरह से उपभोक्ताओं के हाथ में होगा। आप तय करेंगे कि आपको पहले रिचार्ज कराना है या महीने के अंत में बिल देना है। पोस्टपेड विकल्प चुनने पर सामान्य मीटर की तरह हर महीने बिल आएगा। इसमें बकाया होने पर उपभोक्ता को चक्रवृद्धि ब्याज भी देना होगा।
स्मार्ट मीटर से उपभोक्ताओं को मिलेंगे कई खास फायदे
बिजली विभाग का ऐप स्मार्ट मीटर के साथ कई आधुनिक सुविधाएं देता है। उपभोक्ता अपने मोबाइल पर रियल टाइम में बिजली की खपत आसानी से देख सकते हैं। इससे बिलिंग बिल्कुल सटीक होती है और भुगतान करना आसान हो जाता है। ऑनलाइन रिचार्ज करने पर उपभोक्ताओं को विशेष छूट भी मिलती है। इसके अलावा सोलर पैनल के साथ भी इसका इस्तेमाल किया जा सकता है। राज्य सरकारें स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को कई अन्य सुविधाएं भी प्रदान कर रही हैं।
टेक्नीशियन नहीं बदल सकता आपका बिलिंग मोड
बिजली विभाग ने स्पष्ट किया है कि स्मार्ट मीटर सिर्फ खपत रिकॉर्ड करता है। बिजली की दरें हमेशा राज्य विद्युत विनियामक आयोग ही तय करता है। अधिकारियों ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि टेक्नीशियन को अपना काम करने दें। टेक्नीशियन आपके घर केवल नया स्मार्ट मीटर लगाने का काम करता है। वह आपके प्रीपेड या पोस्टपेड मोड में कोई भी बदलाव नहीं कर सकता है। बिलिंग मोड तय करने का पूरा अधिकार केवल बिजली विभाग के पास सुरक्षित है।
