कन्नूर मेडिकल छात्र मौत मामला: लोन ऐप या जातिगत भेदभाव? बहन के खुलासे ने पलटी पूरी कहानी

Kerala News: कन्नूर जिले के एक डेंटल कॉलेज में 22 वर्षीय दलित छात्र नितिन राज की संदिग्ध मौत ने राज्य को झकझोर दिया है। 10 अप्रैल को कॉलेज कैंपस की इमारत से गिरकर उनकी जान चली गई थी। शुरुआत में पुलिस इसे ऑनलाइन लोन ऐप के कर्ज और धमकियों से जुड़ा मामला मान रही थी। लेकिन अब परिवार ने शिक्षकों पर जातिगत भेदभाव के गंभीर आरोप लगाए हैं। इस घटना के बाद से भारी विरोध प्रदर्शन हो रहा है।

लोन ऐप की थ्योरी को बहन ने किया खारिज

पुलिस जांच में पहले सामने आया था कि नितिन ने एक अवैध लोन ऐप से मामूली कर्ज लिया था। ऐप के एजेंट पैसे वसूली के लिए उसे और उसके शिक्षकों को लगातार परेशान कर रहे थे। हालांकि, नितिन की बहन निकिता राज ने इस थ्योरी को पूरी तरह खारिज कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नितिन ने कोई भारी-भरकम कर्ज नहीं लिया था। उनका मानना है कि पुलिस असल मुद्दे से ध्यान भटका रही है।

आरोपी शिक्षकों पर केस दर्ज और एसआईटी का गठन

परिजनों के कड़े विरोध के बाद पुलिस ने कॉलेज के दो वरिष्ठ शिक्षकों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज कर लिया है। इनमें विभाग के प्रमुख डॉ. एम के राम और एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. संगीता नांबियार शामिल हैं। इन पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 108 और एससी/एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है। कन्नूर सिटी पुलिस कमिश्नर ने इस मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल बनाया है।

राष्ट्रीय आयोग का दखल और परिवार को मिली आर्थिक मदद

यह मामला अब राष्ट्रीय स्तर पर तूल पकड़ चुका है। राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ने पुलिस से पांच दिनों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। उधर, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने भी मामले की निष्पक्ष जांच के लिए केंद्रीय मंत्री को ज्ञापन सौंपा है। मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने भी घटना पर गहरा दुख जताया है। इसी बीच, पीड़ित परिवार को सहारा देने के लिए कांग्रेस पार्टी ने नया घर बनवाने का वादा किया है और पांच लाख रुपये सौंपे हैं।

यूनिवर्सिटी प्रशासन की सख्त कार्रवाई और छात्रों का बढ़ता आक्रोश

डेंटल कॉलेज केरल यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज से संबद्ध है। वाइस चांसलर डॉ. मोहनन कुन्नुमेल ने मामले की जांच के लिए चार सदस्यों की टीम बनाई है। उन्होंने सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया है और जांच रिपोर्ट सीधे राज्यपाल को सौंपी जाएगी। वहीं दूसरी तरफ, कॉलेज के छात्र आरोपी शिक्षकों और प्रशासन के खिलाफ लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। छात्रों का स्पष्ट कहना है कि जब तक न्याय नहीं मिल जाता, उनका यह संघर्ष जारी रहेगा।

SOURCE: न्यूज एजेंसी
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