बिहार के 24वें CM सम्राट चौधरी ने ली शपथ, नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद पहली बार BJP को मिली कमान

Bihar News: बिहार के इतिहास में पहली बार भारतीय जनता पार्टी (BJP) का कोई नेता मुख्यमंत्री बना है। सम्राट चौधरी ने बुधवार सुबह पटना के लोकभवन में 24वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। नीतीश कुमार ने सोमवार को पद छोड़ा था, जिन्होंने सम्राट चौधरी को जिम्मेदारी सौंपी।

भव्य शपथग्रहण समारोह में पहुंचे बड़े नेता

शपथ ग्रहण के मौके पर बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, शिवराज सिंह चौहान, जीतन राम मांझी और ललन सिंह मौजूद रहे। राज्यसभा सदस्य नीतीश कुमार भी इस अवसर पर उपस्थित थे। जेडीयू के संजय कुमार झा, आरएलएम के उपेंद्र कुशवाहा और एलजेपी के अरुण भारती ने भी समारोह में हिस्सा लिया।

जेडीयू कोटे से दो नेताओं ने ली उपमुख्यमंत्री की शपथ

सम्राट चौधरी के साथ जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) से विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली। बिहार की राजनीति में यह बड़ा बदलाव माना जा रहा है। मंगलवार को नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद बीजेपी विधायक दल ने सम्राट चौधरी को सर्वसम्मति से अपना नेता चुना था।

पटना की सड़कों पर सम्राट चौधरी को बधाई के बैनर

शपथ ग्रहण से पहले से ही पटना की सड़कों पर सम्राट चौधरी को मुख्यमंत्री बनने पर बधाई के बैनर लगे हैं। जनता को अब नई सरकार से विकास और सुशासन पर नया फोकस की उम्मीद है। नीतीश कुमार ने राज्य के बेहतर कल की कामना करते हुए सम्राट चौधरी को जिम्मेदारी सौंपी।

तीनों नेताओं के राजनीतिक सफर में एक समानता

सम्राट चौधरी और दोनों उपमुख्यमंत्रियों के बीच एक खास समानता है। तीनों ने अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत दूसरे दलों से की थी। सम्राट चौधरी पहले आरजेडी में थे, बाद में हम पार्टी और जेडीयू में रहे। विजय चौधरी ने कांग्रेस से करियर शुरू किया, जबकि बिजेंद्र यादव ने 1990 में जनता दल के टिकट पर चुनाव जीता था।

विजय चौधरी कांग्रेस से आए, बिजेंद्र यादव रहे शरद यादव के साथ

विजय चौधरी बाद में जनता दल यूनाइटेड में आ गए और सीएम नीतीश कुमार के करीबी बन गए। बिजेंद्र प्रसाद यादव ने 1991 में लालू प्रसाद यादव की सरकार में ऊर्जा राज्य मंत्री का पद संभाला। 1997 में जनता दल के विभाजन के बाद उन्होंने शरद यादव का साथ दिया और तब से वे जेडीयू में ही हैं।

नीतीश कुमार ने चारों सदनों की सदस्यता का रचा इतिहास

मुख्यमंत्री पद छोड़ने के बाद नीतीश कुमार राज्यसभा चले गए हैं। उन्होंने राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेकर नया कीर्तिमान स्थापित किया है। वे बिहार के छठे ऐसे नेता बन गए हैं, जिन्होंने विधानसभा, विधान परिषद, लोकसभा और राज्यसभा – चारों सदनों की सदस्यता हासिल की है।

SOURCE: न्यूज एजेंसी
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