World News: पश्चिम एशिया में तनाव अपने चरम पर पहुंच गया है। होर्मुज स्ट्रेट में मचे भयानक बवाल के बीच अब भारत की एंट्री हो गई है। समंदर में जारी इस घमासान को शांत करने के लिए फ्रांस और यूके ने एक बड़ी आपातकालीन बैठक बुलाई है। इस बेहद महत्वपूर्ण मीटिंग में शामिल होने के लिए भारत को विशेष न्योता भेजा गया है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को आधिकारिक तौर पर इस बड़े अंतरराष्ट्रीय आमंत्रण की पूरी पुष्टि कर दी है।
भारत अपने नाविकों की सुरक्षा पर लेगा कड़ा स्टैंड
विदेश मंत्रालय ने अभी यह स्पष्ट नहीं किया है कि भारत की तरफ से बैठक में कौन शामिल होगा। होर्मुज स्ट्रेट से दुनिया भर में तेल और गैस की भारी आपूर्ति होती है। ईरान और अमेरिका के बीच खौफनाक संघर्ष ने यहां गहरा संकट पैदा किया है। भारत दुनिया का इकलौता देश है जिसने इस समुद्री संकट में अपने नाविक खोए हैं। भारत अपने जहाजों की सुरक्षा के लिए कड़ा स्टैंड रखेगा।
वैश्विक ऊर्जा गलियारे को सुरक्षित करने की बड़ी पहल
यह पहल ऐसे समय सामने आई है, जब दुनिया के अहम ऊर्जा गलियारों को सुरक्षित करने के वैश्विक प्रयास तेज हुए हैं। यह जलमार्ग दुनिया भर के तेल व्यापार का पांचवां हिस्सा ढोता है। नई दिल्ली से एक विशेष अंतरराष्ट्रीय योजना में शामिल होने का आग्रह किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य इस क्षेत्र से व्यापारिक जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करना है। समुद्री मार्गों की सुरक्षा को लेकर अंतरराष्ट्रीय चिंताएं काफी बढ़ गई हैं।
संयुक्त राष्ट्र में भारत ने हमलों की कड़ी निंदा की
भारत ने पश्चिम एशिया में वाणिज्यिक जहाजों पर हुए हमलों को बेहद निंदनीय बताया है। संयुक्त राष्ट्र महासभा में भारत के स्थायी प्रतिनिधि राजदूत हरीश पर्वतनेनी ने मजबूती से देश का पक्ष रखा है। उन्होंने होर्मुज स्ट्रेट के रास्ते निर्बाध नौवहन और वैश्विक व्यापार को जल्द बहाल करने की मांग की है। राजदूत ने साफ किया कि भारत की ऊर्जा और आर्थिक सुरक्षा के लिए यहां से गुजरने वाले वाणिज्यिक जहाज विशेष चिंता का विषय हैं।
निर्दोष नाविकों की जान खतरे में डालना बिल्कुल अस्वीकार्य
भारत ने संयुक्त राष्ट्र में दोहराया कि वाणिज्यिक जहाजों को सैन्य हमलों का लक्ष्य बनाना पूरी तरह अस्वीकार्य है। इससे निर्दोष नाविकों की जान खतरे में पड़ती है। होर्मुज स्ट्रेट में नौवहन और व्यापार की स्वतंत्रता में बाधा डालना बिल्कुल गलत है। भारतीय प्रतिनिधि ने अंतरराष्ट्रीय कानून के सख्त पालन पर पूरा जोर दिया है। उन्होंने इस भारी संघर्ष के दौरान भारतीय नाविकों की दुखद मौत पर भी अपनी गहरी चिंता व्यक्त की है।
रूस और चीन के वीटो के बाद महासभा में हुई अहम बहस
राजदूत पर्वतनेनी ने महासभा में पश्चिम एशिया की स्थिति पर विशेष बहस के दौरान अहम टिप्पणियां कीं। यह बहस वीटो पहल के तहत आयोजित हुई थी। इससे पहले सुरक्षा परिषद में रूस और चीन ने बहरीन के एक प्रस्ताव पर वीटो किया था। भारतीय राजदूत ने बताया कि अट्ठाइस फरवरी से क्षेत्र में संघर्ष जारी है। भारत तभी से सभी पक्षों से लगातार संयम बरतने, तनाव घटाने और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील कर रहा है।
