Himachal News: भारत में कुश्ती और मार्शल आर्ट्स को अब एक नई पहचान मिलने वाली है। हिमाचल प्रदेश के कद्दावर नेता प्रोफेसर सिकंदर कुमार को एक बहुत बड़ी जिम्मेदारी मिली है। राज्यसभा सांसद सिकंदर कुमार को भारतीय ग्रैपलिंग संघ का नया चेयरमैन नियुक्त किया गया है। यह फैसला सर्वसम्मति से लिया गया है। इस नियुक्ति से देश के खेल जगत में खुशी की लहर है। इस बड़े फैसले से भारत में आधुनिक कुश्ती ‘ग्रैपलिंग’ को नई ऊंचाइयां मिलने की पूरी उम्मीद है।
खिलाड़ियों के लिए खुलेगा सरकारी सुविधाओं का रास्ता
भारतीय ग्रैपलिंग संघ के महासचिव सुबोध कुमार यादव ने एक आधिकारिक पत्र जारी किया है। इस पत्र के जरिए प्रोफेसर सिकंदर कुमार को चेयरमैन पद की जिम्मेदारी मिली है। प्रोफेसर कुमार राजनीति के साथ-साथ शिक्षा और प्रशासन के बहुत बड़े जानकार हैं। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि अब ग्रैपलिंग को सरकारी नीतियों में बेहतर स्थान मिलेगा। इससे खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं और अच्छा इंफ्रास्ट्रक्चर मिलना आसान हो जाएगा। इस कदम से सभी भारतीय खिलाड़ियों का मनोबल भी काफी बढ़ेगा।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने में मिलेगी मदद
चेयरमैन बनने के बाद प्रोफेसर सिकंदर कुमार संघ को रणनीतिक मार्गदर्शन देंगे। उनके इस मार्गदर्शन से भारतीय खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में ज्यादा पदक जीत सकेंगे। भारतीय ग्रैपलिंग संघ को ‘यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग’ से मान्यता मिली हुई है। ‘यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग’ दुनिया की सबसे बड़ी कुश्ती संस्था मानी जाती है। खेल प्रेमियों को पूरी उम्मीद है कि प्रोफेसर कुमार के नेतृत्व में भारत वैश्विक मंच पर मजबूती के साथ अपनी जगह बनाएगा। सभी खिलाड़ियों को इस नई पहल से काफी ज्यादा फायदा होगा।
ओलंपिक खेलों में शामिल हो सकता है ग्रैपलिंग
खेल जगत में ग्रैपलिंग को भविष्य के ओलंपिक खेलों के रूप में देखा जा रहा है। संघ के लिए प्रोफेसर कुमार का जुड़ना एक बहुत बड़ी ऐतिहासिक उपलब्धि है। महासंघ ने कहा है कि उनका विशिष्ट सार्वजनिक जीवन और खेलों के प्रति उनका लगाव सभी को प्रेरित करेगा। जमीनी स्तर पर इस खेल का विस्तार करना अब बहुत आसान हो जाएगा। खेल का यह नया दौर युवाओं को एक नई और सकारात्मक दिशा देने में बहुत बड़ा मील का पत्थर साबित होगा।
युवाओं को नशे से दूर रखने का चलेगा विशेष अभियान
पदभार संभालते ही प्रोफेसर सिकंदर कुमार कई बड़े फैसले ले सकते हैं। वे देश के अलग-अलग राज्यों में नई खेल अकादमियों की स्थापना करेंगे। युवाओं को नशे की बुरी लत से दूर करने के लिए विशेष अभियान भी चलाए जाएंगे। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य युवाओं को खेलों की ओर आकर्षित करना है। हिमाचल प्रदेश सहित पूरे देश के खेल प्रेमियों ने इस शानदार नियुक्ति का दिल से स्वागत किया है। कई संस्थाओं ने भी उन्हें बधाई और अपनी शुभकामनाएं दी हैं।
