टैक्स छूट के बावजूद आ सकता है इनकम टैक्स का नोटिस! जानें किन 3 बड़े खर्चों पर ITR भरना है जरूरी

India News: लोग मानते हैं कि आय छूट सीमा से कम होने पर रिटर्न नहीं भरना है। आयकर विभाग आपकी आय और बड़े खर्चों पर पैनी नजर रखता है। कई बार कर मुक्त कमाई के बावजूद कुछ खास लेनदेन होते हैं। ये लेनदेन आपको कानूनी रूप से रिटर्न भरने के लिए मजबूर करते हैं। नियमों की अनदेखी करने पर विभाग आपको भारी-भरकम नोटिस भेज सकता है। आइए इन विशेष परिस्थितियों को विस्तार से समझते हैं।

बिजली के भारी-भरकम बिल पर आयकर विभाग की सख्त नजर

आज के दौर में बिजली का बिल आपकी जीवनशैली का बड़ा पैमाना बन चुका है। आयकर नियमों के मुताबिक आपने एक साल में एक लाख रुपये का बिल भरा है। तो आपको अपना इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करना एकदम अनिवार्य है। भले ही आपकी सालाना आय केवल दो लाख रुपये ही क्यों न हो। एक लाख से ज्यादा का बिल आने पर विभाग एक अहम बात मानता है। आपके बड़े खर्च आपकी घोषित आय से बिल्कुल मेल नहीं खाते हैं।

विदेश यात्रा पर बड़े खर्च की जानकारी देना है अनिवार्य

अगर आप विदेश घूमने जाते हैं तो खर्चों का हिसाब रखना बहुत जरूरी है। आपने अपनी या किसी और की विदेश यात्रा पर दो लाख रुपये खर्च किए हैं। तो आपको अपना इनकम टैक्स रिटर्न हर हाल में जरूर भरना होगा। सरकार के टैक्स नियम इस गंभीर मामले में एकदम स्पष्ट हैं। विदेश यात्रा पर दो लाख से अधिक का खर्च बड़े लेनदेन की श्रेणी में आता है। इसलिए आपको आयकर विभाग को इसकी सूचना तुरंत देनी चाहिए।

बैंक खातों में बड़ी नकद राशि जमा करने पर टैक्स नियम

आपके बैंक लेनदेन पर भी आयकर विभाग अपनी पैनी नजर हमेशा रखता है। आपने एक साल के भीतर चालू खाते में एक करोड़ रुपये जमा किए हैं। तो ऐसी स्थिति में आपको अपना रिटर्न अवश्य दाखिल करना चाहिए। बचत खाते के मामले में यह नकद जमा सीमा पचास लाख रुपये तय है। सरकार ने काले धन पर सख्त लगाम लगाने के लिए यह नियम बनाया है। यह नियम बड़े और संदिग्ध लेन-देन को ट्रैक करने में बहुत मदद करता है।

टीडीएस कटौती और व्यावसायिक आय से जुड़े अन्य अहम प्रावधान

इन तीन मुख्य कारणों के अलावा कुछ अन्य स्थितियां रिटर्न को अनिवार्य बनाती हैं। आपका टीडीएस या टीसीएस पच्चीस हजार रुपये या उससे अधिक कटा है। तो आपको अपना इनकम टैक्स रिटर्न समय पर जरूर भरना चाहिए। वरिष्ठ नागरिकों के लिए यह कर सीमा पचास हजार रुपये तय की गई है। आपकी कुल व्यावसायिक बिक्री साठ लाख रुपये से अधिक होने पर रिटर्न भरना होगा। पेशेवरों की आय दस लाख से ज्यादा होने पर भी रिटर्न दाखिल करना अनिवार्य है।

SOURCE: न्यूज एजेंसी
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