बिल फेल होने पर पीएम मोदी ने मांगी माफी, विपक्ष पर लगाया ‘पाप’ करने का आरोप, बोले- सजा मिलेगी

India News: लोकसभा में महिला आरक्षण विधेयक के पारित न हो पाने के एक दिन बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार रात 8:30 बजे राष्ट्र को संबोधित किया। उन्होंने इस दौरान विपक्ष को जमकर घेरा और कहा कि उन्होंने ‘पाप’ किया है, जिसकी सजा उन्हें मिलेगी। पीएम मोदी ने देश की महिलाओं से क्षमा भी मांगी। उन्होंने कहा कि सरकार के पूरे प्रयासों के बावजूद नारी शक्ति वंदन अधिनियम पारित नहीं हो सका। पीएम मोदी ने कांग्रेस, डीएमके, टीएमसी और सपा को ‘महिला विरोधी’ बताते हुए कहा कि ये दल बिल गिरने पर जश्न मना रहे थे।

तमिलनाडु की रैली में ही पीएम ने बता दी थी विपक्ष की भूमिका

राष्ट्रीय संबोधन से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने तमिलनाडु में एक चुनावी रैली को संबोधित किया। वहां उन्होंने साफ कहा कि महिला आरक्षण बिल के पारित न होने की जिम्मेदारी डीएमके और कांग्रेस पर है। पीएम ने आरोप लगाया कि विपक्षी पार्टियों ने अपने स्वार्थ के लिए यह बिल पारित नहीं होने दिया। उन्होंने कहा, ‘बिल गिरा तो मुझे बहुत दुख हुआ। यह सब देश की नारी शक्ति देख रही है।’ पीएम का यह बयान ऐसे समय आया जब तमिलनाडु में चुनावी माहौल गरम है और डीएमके सत्तारूढ़ पार्टी है।

विपक्ष पर हमला: दलहित को देशहित से बड़ा बताकर किया, जश्न मनाने वालों पर निशाना

अपने राष्ट्रीय संबोधन में पीएम मोदी ने कहा, ‘मेरे लिए देश का हित सबसे ऊपर है, लेकिन कुछ लोग ऐसे भी हैं जिनके लिए पार्टी का हित ही सब कुछ बन जाता है।’ उन्होंने कहा कि जब दलहित देशहित से बड़ा हो जाता है, तो नुकसान नारी शक्ति और पूरे देश को उठाना पड़ता है। पीएम ने कांग्रेस, डीएमके, टीएमसी और सपा पर निशाना साधते हुए कहा कि ये परिवारवादी पार्टियां बिल के पास न होने पर खुश नजर आ रही थीं। उन्होंने कहा, ‘जब महिलाओं के अधिकार प्रभावित हो रहे थे, तब ये दल तालियां बजाकर जश्न मना रहे थे। यह नारी के स्वाभिमान को ठेस पहुंचाने जैसा था।’

पीएम मोदी ने मांगी माफी, बोले- विपक्ष ने जो पाप किया उसकी सजा मिलेगी

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन की शुरुआत देश की महिलाओं से क्षमा मांगते हुए की। उन्होंने कहा, ‘मैं इसके लिए सभी माताओं-बहनों से क्षमाप्रार्थी हूं।’ पीएम मोदी ने यह भी कहा कि 21वीं सदी की महिलाएं पूरी तरह जागरूक हैं। वे हर बात पर पैनी नजर रख रही हैं। विपक्षी दलों ने महिला आरक्षण का विरोध करके बड़ी गलती की है। पीएम ने चेतावनी देते हुए कहा, ‘विपक्ष ने जो पाप किया है उसकी सजा उन्हें मिलेगी।’ उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इन दलों ने संविधान निर्माताओं की भावनाओं का अपमान किया है। स्वार्थी राजनीति का नुकसान देश की नारी शक्ति को उठाना पड़ा है।

क्या था 131वां संविधान संशोधन विधेयक? 298 वोट पड़े थे पक्ष में

बता दें कि संविधान (131वां संशोधन) विधेयक का मुख्य उद्देश्य संसद और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 फीसदी आरक्षण लागू करना था। यह विधेयक लोकसभा सीटें बढ़ाकर 850 करने और 2011 की जनगणना के आधार पर परिसीमन का भी प्रस्ताव करता था। हालांकि, लोकसभा में यह दो-तिहाई बहुमत हासिल नहीं कर सका। मतदान में 298 सांसदों ने पक्ष में वोट दिया, जबकि 230 ने विरोध किया। पीएम मोदी के इस संबोधन के बाद अब राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा और गरमाने की संभावना है।

SOURCE: न्यूज एजेंसी
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