Himachal News: हिमाचल प्रदेश के नालागढ़ में एक ढोंगी बाबा की काली करतूतों का पर्दाफाश हुआ है। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय ने झाड़-फूंक की आड़ में दुष्कर्म करने वाले आरोपी को उम्रकैद की सजा सुनाई है। न्यायाधीश पंकज गुप्ता की अदालत ने दोषी जगदीश उर्फ बाबा पर भारी जुर्माना भी लगाया है। यह मामला महिला थाना बद्दी में दर्ज हुआ था। पुलिस की मजबूत पैरवी और पुख्ता सबूतों के आधार पर न्यायालय ने पीड़ित महिला को न्याय दिलाया है।
बीमारी के इलाज के बहाने रची घिनौनी साजिश
उपजिला न्यायवादी संदीप शर्मा ने मामले के तथ्यों की विस्तृत जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि दिसंबर 2021 में यह दर्दनाक घटना घटी थी। दोषी जगदीश ने जड़ी-बूटी और तंत्र-मंत्र से इलाज का झूठा दावा किया था। इसी बहाने उसने पीड़िता के साथ जबरन दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। जब महिला ने इसका विरोध किया तो बाबा ने उसे डराया। उसने तंत्र-मंत्र के जरिए पीड़िता के पूरे परिवार को जान से मारने की खौफनाक धमकी दी थी।
बद्दी महिला थाने में दर्ज हुई थी प्राथमिकता
लगातार मिल रही धमकियों और डर के कारण पीड़िता काफी समय तक खामोश रही। आखिरकार उसने हिम्मत जुटाई और 21 मार्च 2022 को पुलिस का दरवाजा खटखटाया। महिला ने बद्दी स्थित महिला पुलिस थाने में अपनी लिखित शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आईपीसी की धारा 376 और 506 के तहत मुकदमा पंजीकृत किया। इसके बाद पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी जगदीश उर्फ बाबा को तुरंत गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे डाल दिया।
अदालत ने सुनाया उम्रकैद और जुर्माने का फैसला
यह अभियोग नालागढ़ की अदालत में लंबे समय तक चला। अदालत ने सभी गवाहों के बयान और पेश किए गए साक्ष्यों की गहनता से जांच की। इसके बाद सोलन जिले के गोयला पन्नर निवासी जगदीश को दोषी करार दिया गया। अदालत ने दुष्कर्म के लिए उसे आजीवन कारावास और 50,000 रुपए जुर्माने की सजा सुनाई। इसके साथ ही आपराधिक धमकी देने के जुर्म में दो साल की अतिरिक्त कैद और 2,000 रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है।
