India News: लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही स्थगित होने के बाद महिला आरक्षण विधेयक और परिसीमन से जुड़े प्रस्ताव पास नहीं हो पाए। अब सरकार और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन ने पार्टी शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस की बैठक की। उन्होंने सीएम से कहा कि राज्य विधानसभा का एक दिन का विशेष सत्र बुलाकर विपक्ष के खिलाफ ‘निंदा प्रस्ताव’ पारित किया जाए। वहीं, कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने कहा कि महिला आरक्षण की आड़ में परिसीमन नहीं चलेगा।
नितिन नवीन का निर्देश: विधानसभा के विशेष सत्र में पारित होगा निंदा प्रस्ताव
बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बीजेपी शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों और पार्टी पदाधिकारियों के साथ अहम बैठक की। इस मीटिंग में उन्होंने साफ निर्देश दिया कि सभी बीजेपी शासित राज्य एक दिन का विशेष विधानसभा सत्र बुलाएं। इस सत्र में विपक्षी दलों के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किया जाए। बीजेपी का आरोप है कि कांग्रेस, डीएमके, टीएमसी और सपा ने महिला आरक्षण बिल को गिराने की साजिश रची। पार्टी इस मुद्दे को लेकर विपक्ष को घेरने की पूरी तैयारी में है। आने वाले दिनों में राज्यों में इस मुद्दे पर सियासी तापमान और बढ़ सकता है।
पीएम मोदी का आरोप: दलहित के लिए कुचल दिए गए महिलाओं के सपने
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए विपक्ष पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भारत का हर नागरिक देख रहा है कि नारी की उड़ान को रोक दिया गया। उनके सपनों को बेरहमी से कुचल दिया गया। पीएम ने कहा कि सरकार के प्रयासों के बावजूद वे सफल नहीं हो पाए। उन्होंने कहा, ‘हमारे लिए देशहित सर्वोपरि है, लेकिन कुछ लोगों के लिए दलहित सबकुछ हो जाता है।’ पीएम ने कांग्रेस, डीएमके, टीएमसी और सपा पर स्वार्थी राजनीति का आरोप लगाया। उनका कहना था कि इन दलों के कारण नारी शक्ति को नुकसान उठाना पड़ा। पीएम ने यह भी कहा कि जनता इन पार्टियों को माफ नहीं करेगी।
प्रियंका गांधी का पलटवार: 2023 के कानून को लागू करो, हम करेंगे समर्थन
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बीजेपी पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि विपक्ष के लिए महिला आरक्षण की आड़ में परिसीमन योजना का समर्थन करना संभव नहीं है। प्रियंका ने सरकार से कहा कि अगर वह वाकई गंभीर है तो 2023 के महिला आरक्षण कानून को लागू करे। उन्होंने दावा किया कि अगर सरकार यह कदम उठाती है तो सभी विपक्षी दल उसका समर्थन करेंगे। प्रियंका ने कहा, ‘जनता परेशान है और इस सरकार की हरकतों को भली-भांति समझ चुकी है। वह सरकार के बहकावे में नहीं आएगी।’ उनका कहना था कि बीजेपी असली मुद्दे से ध्यान भटकाने के लिए यह नाटक कर रही है। असली मुद्दा परिसीमन है, जिससे दक्षिण के राज्यों को नुकसान होगा।
लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही 93 फीसदी उत्पादकता के साथ स्थगित
गौरतलब है कि लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही शनिवार को अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दी गई थी। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने बताया कि 18वीं लोकसभा के सातवें सत्र में कुल 31 बैठकें हुईं। सदन की कार्यवाही 151 घंटे 42 मिनट चली। इस सत्र की कार्य उत्पादकता 93 प्रतिशत रही। सत्र के दौरान प्रधानमंत्री मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत कई दलों के नेता मौजूद रहे। हालांकि, सत्र का सबसे बड़ा एजेंडा महिला आरक्षण विधेयक पास नहीं हो सका, जिसके चलते अब राजनीतिक पारा चढ़ गया है। अगले कुछ दिनों में इस मुद्दे पर और सियासी हलचल देखने को मिल सकती है।
