Himachal News: हिमाचल प्रदेश के लोगों के लिए एक बहुत बड़ी खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर अधिकतम पांच रुपये तक का सेस लगाने वाले विधेयक को मंजूरी दे दी है। शनिवार को विधि विभाग ने राजपत्र में इसकी आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी। इस फैसले का मुख्य उद्देश्य प्रदेश की विधवाओं और अनाथ बच्चों के कल्याण के लिए जरूरी धनराशि जुटाना है। अब जल्द ही तय होगा कि आम जनता पर इसका कितना असर पड़ेगा।
बजट सत्र में पास हुआ था यह अहम बिल
मार्च में विधानसभा के बजट सत्र के दौरान यह बिल पेश हुआ था। विपक्ष ने इस फैसले का काफी कड़ा विरोध किया था। इसके बाद मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने स्थिति पूरी तरह स्पष्ट की थी। उन्होंने बताया था कि सरकार केवल सेस लगाने का अधिकार पाने के लिए यह बिल लाई है। सरकार ही तय करेगी कि ईंधन पर कितना सेस लगाना है। मुख्यमंत्री ने जरूरत पड़ने पर सेस न लगाने का विकल्प भी खुला रखा है।
अनाथ और विधवा कल्याण के लिए जुटाएंगे फंड
हिमाचल प्रदेश मूल्य परिवर्धित कर संशोधन अधिनियम-2026 में विशेष प्रावधान किए गए हैं। एक्ट की धारा छह क में अहम संशोधन किया गया है। नए नियम के अनुसार राज्य में पहली बार बिक्री होने पर पेट्रोल और हाई स्पीड डीजल पर सेस लगेगा। प्रत्येक व्यापारी से प्रति लीटर अधिकतम पांच रुपये तक का उपकर लिया जाएगा। यह पैसा अनाथ और विधवा कल्याण निधि में जमा होगा। सरकार आम जनता पर कोई अतिरिक्त बोझ नहीं डालेगी।
