World News: होर्मुज जलडमरूमध्य में भारतीय व्यापारिक जहाज पर हुए मिसाइल हमले ने वैश्विक राजनीति में बड़ी हलचल पैदा कर दी है। इस गंभीर मुद्दे पर अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का एक चौंकाने वाला वीडियो सामने आया है। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब एक पत्रकार ने उनसे भारतीय जहाज पर हुए हमले को लेकर सवाल पूछा, तो ट्रंप अचानक भड़क गए। वह रिपोर्टर के सवाल का जवाब दिए बिना ही गुस्से में मंच छोड़कर बाहर चले गए।
रिपोर्टर के तीखे सवाल से अचानक अपना आपा खो बैठे डोनाल्ड ट्रंप
डोनाल्ड ट्रंप अमेरिका में अपने चुनाव प्रचार के दौरान पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। इसी बीच एक वरिष्ठ रिपोर्टर ने खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते सैन्य तनाव पर सवाल किया। पत्रकार ने सीधा पूछा कि होर्मुज में भारतीय जहाजों की सुरक्षा पर अमेरिका का क्या रुख है। यह सवाल सुनते ही डोनाल्ड ट्रंप पूरी तरह असहज हो गए। उन्होंने पत्रकार को बीच में ही टोक दिया और बेहद तीखे स्वर में इस सवाल को पूरी तरह बकवास करार दिया।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ गुस्से में प्रेस कॉन्फ्रेंस छोड़ने का वीडियो
इस पूरी घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर बहुत तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में साफ दिख रहा है कि डोनाल्ड ट्रंप इस सवाल से कितने ज्यादा नाराज हैं। उन्होंने माइक को जोर से किनारे धकेला और बिना कोई अतिरिक्त टिप्पणी किए वहां से निकल गए। उनके इस सख्त रवैये ने वहां मौजूद सभी लोगों को हैरान कर दिया। इंटरनेट पर लोग ट्रंप के इस अजीब व्यवहार की काफी कड़ी आलोचना भी कर रहे हैं।
भारतीय जहाज पर हमले के बाद खाड़ी क्षेत्र में गहराया भारी संकट
होर्मुज जलडमरूमध्य में भारतीय जहाज पर हुआ यह हमला बहुत ही गंभीर माना जा रहा है। इस समुद्री रास्ते से दुनिया भर का सबसे ज्यादा कच्चा तेल और गैस गुजरती है। ईरान और इजराइल के बढ़ते तनाव ने इस मार्ग को बेहद असुरक्षित बना दिया है। भारतीय नौसेना ने अपने जहाजों की सुरक्षा के लिए गश्त बहुत तेज कर दी है। अमेरिका की तरफ से अभी तक इस विशेष हमले पर कोई आधिकारिक और स्पष्ट बयान नहीं आया है।
भारत सरकार ने अमेरिकी कूटनीतिक चुप्पी पर जताई गहरी चिंता
नई दिल्ली में बैठे वरिष्ठ अधिकारी अमेरिका के इस अजीब रवैये पर नजर रख रहे हैं। भारत ने अपने व्यापारिक हितों की सुरक्षा के लिए खाड़ी देशों से भी संपर्क साधा है। ट्रंप की इस तीखी प्रतिक्रिया से कई कूटनीतिक सवाल भी खड़े हो रहे हैं। वैश्विक मामलों के जानकारों का मानना है कि अमेरिका फिलहाल मध्य पूर्व में सीधे टकराव से बचना चाहता है। इसलिए अमेरिकी नेता इस संवेदनशील मुद्दे पर खुलकर बोलने से कतरा रहे हैं।
