ईरान ने हॉर्मुज में लांघी सारी हदें: भारतीय जहाजों पर की अंधाधुंध फायरिंग, 611 नाविकों की जान फंसी आफत में

New Delhi News: हॉर्मुज जलडमरूमध्य में भारी तनाव पैदा हो गया है। ईरान ने इस जल मार्ग को फिर बंद कर दिया है। इसके साथ ही उसने दो भारतीय जहाजों पर सीधा हमला किया है। इस घटना के बाद भारत सरकार सतर्क है। खाड़ी क्षेत्र में बाइस जहाज और छह सौ ग्यारह भारतीय नाविक अभी भी फंसे हुए हैं। भारत सरकार उनकी सुरक्षित वापसी के लिए ईरान के साथ उच्च स्तरीय बातचीत कर रही है। स्थिति बहुत गंभीर है।

भारतीय जहाजों पर फायरिंग से बढ़ा तनाव

ईरान ने हॉर्मुज में पिछले पैंतालीस दिनों से भारी संकट पैदा किया है। वहां फंसे कैप्टन आशीष शर्मा ने काफी बहादुरी की मिसाल पेश की है। उन्होंने अपने बारह क्रू सदस्यों को सुरक्षित भारत भेज दिया है। वह खुद जहाज पर डटे हुए हैं। इस बीच ईरान ने दो जहाजों पर अचानक फायरिंग कर दी है। इससे दोनों देशों के बीच कूटनीतिक तनाव चरम पर पहुंच गया है। सभी नाविक घबराए हैं।

ईरान ने भारत के सामने रखी बड़ी मांगें

जहाजों की रिहाई के बदले ईरान ने अपनी कुछ अहम शर्तें रखी हैं। उसने भारत से अपने तीन टैंकरों को तुरंत छोड़ने की मांग की है। भारतीय तटरक्षक बल ने फरवरी में इन टैंकरों को संदिग्ध गतिविधियों के चलते पकड़ा था। इन जहाजों के नाम एस्फाल्ट स्टार, अल जाफजिया और स्टेलर रूबी हैं। इसके अलावा तेहरान ने विशेष दवाओं और चिकित्सा उपकरणों की भी सख्त मांग की है। बातचीत जारी है।

‘ऑपरेशन ऊर्जा सुरक्षा’ से नाविकों की होगी वापसी

भारत सरकार ने ‘ऑपरेशन ऊर्जा सुरक्षा’ के तहत अपनी नौसेना को तैनात किया है। इसका मुख्य उद्देश्य अपने नाविकों और जहाजों को वहां से सुरक्षित बाहर निकालना है। भारतीय नौसेना के युद्धपोत इस काम में दिन रात लगे हुए हैं। कई एलपीजी टैंकरों को सफलतापूर्वक सुरक्षित रास्तों से भारत लाया जा चुका है। विदेश मंत्रालय इस पूरी स्थिति पर अपनी पैनी नजर बनाए हुए है। पूरी सावधानी बरती जा रही है।

SOURCE: न्यूज एजेंसी
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