Sports News: कनाडा क्रिकेट टीम के भारतवंशी कप्तान दिलप्रीत सिंह बाजवा विवादों में घिर गए हैं। कैनेडियन ब्रॉडकास्टिंग कॉरपोरेशन (सीबीसी) की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि उन्हें कप्तान बनाने के पीछे गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई गिरोह का हाथ है। दिलप्रीत मूल रूप से पंजाब के गुरदासपुर जिले के बटाला का रहने वाला है। वह वर्ष 2020 में कनाडा चला गया था। अब भारतीय एजेंसियों ने भी उसके संबंधों की जांच शुरू कर दी है।
खिलाड़ियों को धमकाकर बनवाया गया कप्तान
सीबीसी रिपोर्ट के अनुसार, दिलप्रीत को कप्तान बनवाने के लिए लॉरेंस गैंग ने टीम के खिलाड़ियों को जान से मारने की धमकियां दीं। साथी खिलाड़ियों से कहा गया कि अगर उन्होंने दिलप्रीत का समर्थन नहीं किया तो उन्हें मार दिया जाएगा। जिन खिलाड़ियों ने विरोध किया, उन्हें लॉरेंस बिश्नोई के नाम से मैसेज भेजकर धमकाया गया। कई खिलाड़ी मानसिक तनाव का हवाला देकर कप्तानी की दौड़ से हट गए। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि कनाडा की क्रिकेट टीम में भ्रष्टाचार, संगठित अपराध और मैच फिक्सिंग हावी हो चुकी है। इसकी शिकायत कनाडा पुलिस तक पहुंच चुकी है।
मैच फिक्सिंग का आरोप और पूर्व कोच के घर फायरिंग
दिलप्रीत इसी वर्ष टी-20 विश्व कप में न्यूजीलैंड के खिलाफ नो बाल फेंकने के कारण पहले से जांच के घेरे में हैं। कनाडा के पूर्व कोच खुर्रम चौहान ने उन पर मैच फिक्सिंग का आरोप लगाया था। इसके बाद खुर्रम के कैलगरी स्थित घर पर दो बार फायरिंग की जा चुकी है। कुछ महीने पहले दिलप्रीत बटाला और अन्य स्थानों पर भी गया था। सूत्रों के अनुसार, भारतीय एजेंसियों ने दिलप्रीत के लॉरेंस बिश्नोई से संबंधों की जांच शुरू कर दी है। वह बीसीसीआई और पंजाब पर प्रतिभा की अनदेखी करने का आरोप लगाकर कनाडा चला गया था। अब यह मामला अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गंभीर हो गया है।
