Tamil Nadu News: तमिलनाडु के विरुधुनगर जिले में एक पटाखा फैक्ट्री में हुए जबरदस्त विस्फोट में 16 मजदूरों की मौत हो गई है। छह अन्य गंभीर रूप से घायल हैं, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। रविवार को कट्टनारपट्टी की वनजा पटाखा फैक्ट्री में यह दुर्घटना तब हुई जब श्रमिक काम कर रहे थे। विस्फोट इतना भीषण था कि फैक्ट्री की चार इमारतें पूरी तरह ढह गईं और धमाके का कंपन दस किलोमीटर दूर तक महसूस किया गया।
मृतकों की संख्या 18 तक पहुंचने की आशंका, बचाव कार्य जारी
शुरुआत में चार मौतों की खबर थी, जो बढ़कर 11 हुई और अंततः 16 तक पहुंच गई। अधिकारियों को आशंका है कि यह संख्या और बढ़ सकती है। सूचना मिलते ही अग्निशमन दल मौके पर पहुंच गया। फायरकर्मियों ने आग पर काबू पाया और घायलों को मलबे से निकालकर नजदीकी अस्पतालों में पहुंचाया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। मलबे से और लोगों के मिलने की संभावना को देखते हुए बचाव कार्य अभी भी जारी है।
पटाखा बनाते समय हुआ विस्फोट, ज्वलनशील रसायन बना कारण
विस्फोट का सटीक कारण अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है। शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, गोविंदनल्लूर निवासी मुथु माणिक्कम की इस फैक्ट्री में मजदूर ‘फैंसी’ पटाखों की लड़ियां जोड़ने का काम कर रहे थे। विशेषज्ञों का मानना है कि दुर्घटना पटाखे बनाने में इस्तेमाल होने वाले ज्वलनशील रसायनों के आपस में घर्षण, अत्यधिक गर्मी और सुरक्षा नियमों में लापरवाही के कारण हुई हो सकती है। विरुधुनगर जिला, विशेषकर शिवकाशी और सात्तूर क्षेत्र, आतिशबाजी उत्पादन का प्रमुख केंद्र है, जहां पहले भी कई हादसे हो चुके हैं। 13 अप्रैल को भी इसी जिले की एक अन्य फैक्ट्री में विस्फोट हुआ था।
बार-बार हो रहे हादसों पर सुरक्षा मानकों पर उठते सवाल
इस क्षेत्र में बार-बार होने वाले विस्फोट पटाखा उद्योग में सुरक्षा मानकों के उचित पालन पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं। रसायनों की गलत हैंडलिंग, पर्याप्त वेंटिलेशन की कमी और श्रमिकों को प्रशिक्षण न देना बड़े कारण माने जाते हैं। प्रशासन ने घटना की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं। मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने घटना पर शोक व्यक्त किया है और पीड़ित परिवारों को मुआवजा देने की घोषणा की है। घायलों का इलाज जारी है।
