World News: लेबनान के साथ 16-17 अप्रैल को सीजफायर लागू होने से ठीक 24 घंटे पहले इजरायली सेना (IDF) ने हिजबुल्लाह के 150 से अधिक आतंकियों को मार गिराया। IDF ने रविवार को एक्स पर पोस्ट कर बताया कि इन हमलों में बिंत ज्बील क्षेत्र का हिजबुल्लाह कमांडर अली रिदा अब्बास भी मारा गया। अब्बास ने इजरायली सैनिकों के खिलाफ कई हमलों की साजिश रची थी। इजरायल ने सीजफायर से पहले ही हिजबुल्लाह की सैन्य क्षमता को भारी नुकसान पहुंचाने का फैसला किया था।
300 से अधिक सैन्य ठिकाने तबाह, हिजबुल्लाह के कमांडर ढेर
आईडीएफ के अनुसार, इन ताबड़तोड़ हमलों में लगभग 300 से अधिक हिजबुल्लाह के आर्मी बेस को नष्ट कर दिया गया। सेना ने रॉकेट लॉन्चर, ड्रोन, एंटी-टैंक मिसाइल पॉइंट्स और कमांड सेंटरों को भी निशाना बनाया। बिंत ज्बील क्षेत्र दक्षिणी लेबनान में हिजबुल्लाह का मजबूत गढ़ माना जाता है। पिछले हफ्तों में यहां भारी लड़ाई हुई थी। आईडीएफ का कहना है कि अब्बास जैसे कमांडरों के मारे जाने से हिजबुल्लाह की कमांड संरचना बुरी तरह प्रभावित हुई है।
ट्रंप की मध्यस्थता वाले सीजफायर से पहले अंतिम हमला
यह कार्रवाई ऐसे समय हुई जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मध्यस्थता में इजरायल और लेबनान के बीच 10 दिनों का नाजुक संघर्ष विराम लागू होने वाला था। बाद में यह सीजफायर 16-17 अप्रैल की रात को प्रभावी हुआ। आईडीएफ ने साफ किया कि इन हमलों का मकसद इजरायली सैनिकों पर किसी भी संभावित खतरे को खत्म करना था। यह घटना इजरायल-हिजबुल्लाह युद्ध के आठवें सप्ताह में हुई है। इस युद्ध में अब तक हजारों लोग मारे जा चुके हैं। आईडीएफ ने दावा किया कि उसने सीजफायर से पहले ही अपना काम पूरा कर लिया था।
