Himachal Pradesh News: हिमाचल प्रदेश के मंडी जिला स्थित करसोग में अतिरिक्त न्यायालय परिसर भवन का भव्य उद्घाटन हुआ है। हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया ने इस नवनिर्मित परिसर का शुभारंभ किया। इस खास अवसर पर उच्च न्यायालय के न्यायाधीश अजय मोहन गोयल और रजिस्ट्रार जनरल भूपेश शर्मा भी विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे। यह नया भवन आम जनता को त्वरित और आधुनिक न्यायिक सुविधाएं प्रदान करने में एक अहम भूमिका निभाएगा।
आधुनिक सुविधाओं से लैस है नया कोर्ट परिसर
करसोग में बने इस नए अतिरिक्त न्यायालय परिसर के निर्माण में लगभग साढ़े छह करोड़ रुपए की भारी लागत आई है। इस आधुनिक दो मंजिला भवन में दो नए कोर्ट रूम प्रमुखता से बनाए गए हैं। इसके अलावा स्टाफ रूम और मालखाना जैसी जरूरी बुनियादी सुविधाएं भी उपलब्ध करवाई गई हैं। सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए पूरे कोर्ट परिसर को अत्याधुनिक सीसीटीवी कैमरों से लैस किया गया है। यह भवन न्यायिक प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी बनाएगा।
ऐतिहासिक धरती पर न्यायिक सेवाओं का विस्तार
मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया ने अपने संबोधन में करसोग की ऐतिहासिक महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि ममलेश्वर महादेव और शिकारी देवी की इस पवित्र भूमि का अपना अलग महत्व है। करसोग में न्यायिक सेवाओं की शुरुआत साल 1994 में सिविल जज कोर्ट की स्थापना के साथ हुई थी। इसके बाद साल 1999 में यहां एडिशनल सेशन जज कोर्ट की सुविधा शुरू की गई। अब यह नया भवन क्षेत्र के न्यायिक इतिहास का एक नया अध्याय है।
प्रशासन और बार एसोसिएशन ने किया जोरदार स्वागत
इस उद्घाटन समारोह में मंडी के उपायुक्त अपूर्व देवगन ने मुख्य अतिथि और अन्य विशिष्ट अतिथियों को शॉल और टोपी पहनाकर सम्मानित किया। करसोग बार एसोसिएशन के अध्यक्ष आर.आर. नेगी और महासचिव सपिन्दर सिंह ने भी अतिथियों का भव्य स्वागत किया। समारोह में जिला एवं सत्र न्यायाधीश पारस डोगर, पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार और एसडीएम गौरव महाजन भी मौजूद रहे। इस नए भवन के शुरू होने से स्थानीय अधिवक्ताओं और आम लोगों में काफी उत्साह देखा गया।
