Himachal News: हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में नशे के सौदागरों के खिलाफ पुलिस ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। शनिवार रात स्पेशल इन्वेस्टिगेशन यूनिट (SIU) की टीम ने टुटीकंडी क्रॉसिंग के पास एक एचआरटीसी (HRTC) बस से 26 ग्राम ‘चिट्टा’ बरामद किया है। इस मामले में पंजाब के अमृतसर निवासी एक युवक को रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। शिमला पुलिस इन दिनों बाहरी राज्यों से होने वाली नशा तस्करी को रोकने के लिए विशेष अभियान चला रही है।
टुटीकंडी क्रॉसिंग पर पुलिस का जाल और गिरफ्तारी
पुलिस की विशेष इकाई शनिवार रात टुटीकंडी क्रॉसिंग और उसके आसपास नियमित गश्त पर तैनात थी। इसी दौरान गुप्त सूचना मिली कि चंडीगढ़ की तरफ से आ रही एक सरकारी बस में प्रतिबंधित नशीला पदार्थ ले जाया जा रहा है। सूचना मिलते ही एसआईयू की टीम ने बस को तलाशी के लिए रुकवाया। स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में जब सवारियों के सामान की जांच की गई, तो एक युवक के बैग से काले टेप में लिपटा संदिग्ध पदार्थ मिला। वजन करने पर यह 26 ग्राम चिट्टा पाया गया, जिसके बाद आरोपी को तुरंत हिरासत में ले लिया गया।
अमृतसर का राजदीप सिंह चढ़ा पुलिस के हत्थे
गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान राजदीप सिंह के रूप में हुई है। वह पंजाब के अमृतसर जिले की तहसील बटाला के गांव पंडोरी बडेच का रहने वाला है। पुलिस ने उसके खिलाफ बालूगंज थाना में एनडीपीएस अधिनियम की धारा 21 के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। प्राथमिक जांच में सामने आया है कि आरोपी नशे की इस खेप को शिमला के स्थानीय बाजार में खपाने की योजना बना रहा था। पुलिस अब उसके मोबाइल डेटा और संपर्कों की जांच कर रही है ताकि तस्करी के इस नेटवर्क की गहराई तक पहुंचा जा सके।
बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज की हो रही है जांच
शिमला पुलिस अब इस बात की बारीकी से जांच कर रही है कि आरोपी यह नशा अमृतसर में कहां से लाया था और शिमला में इसका खरीदार कौन था। एसएसपी शिमला गौरव सिंह ने बताया कि पुलिस मामले के हर पहलू को खंगाल रही है। नशा तस्करी के ‘बैकवर्ड’ और ‘फॉरवर्ड’ लिंकेज का पता लगाना पुलिस की प्राथमिकता है। पुलिस का मानना है कि आरोपी के पीछे किसी बड़े अंतरराज्यीय गिरोह का हाथ हो सकता है। आने वाले दिनों में आरोपी को कोर्ट में पेश कर पुलिस रिमांड की मांग की जाएगी।
शिमला पुलिस का नशे के खिलाफ सख्त अभियान
राजधानी शिमला में इस साल नशे के खिलाफ पुलिस का रिकॉर्ड काफी प्रभावी रहा है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, शिमला पुलिस ने अब तक एनडीपीएस अधिनियम के तहत 101 मामले दर्ज किए हैं। इन कार्रवाइयों में कुल 215 आरोपियों को जेल की सलाखों के पीछे भेजा गया है। गिरफ्तार किए गए लोगों में से 177 आरोपी सीधे तस्करी में शामिल थे, जबकि 38 आरोपियों को गहन जांच और संपर्कों के आधार पर पकड़ा गया है। एसएसपी ने स्पष्ट किया है कि नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति जारी रहेगी और गश्त बढ़ाई जाएगी।
