Delhi News: दिल्ली सरकार ने अपनी बहुप्रतीक्षित ‘दिल्ली सेमीकंडक्टर पॉलिसी’ का ड्राफ्ट तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में लिया गया यह निर्णय दिल्ली को वैश्विक स्तर पर सेमीकंडक्टर डिजाइन, अनुसंधान और विकास (आरएंडडी) का एक बड़ा केंद्र बनाएगा। सीएम का मानना है कि यह नीति प्रधानमंत्री मोदी के ‘आत्मनिर्भर भारत’ के सपने को साकार करने में दिल्ली की भागीदारी को मजबूत करेगी।
पांच स्तंभों पर टिकी दिल्ली की सेमीकंडक्टर नीति
मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, यह नीति पांच मुख्य स्तंभों पर आधारित है। पहला, चिप डिजाइन और इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी (आईपी) विकास पर जोर। दूसरा, नई तकनीक की खोज और नवाचार (आरएंडडी) के लिए विशेष प्रावधान। तीसरा, असेंबली, टेस्टिंग, मार्किंग और पैकेजिंग (एटीएमपी) जैसी विनिर्माण गतिविधियों को बढ़ावा देना। चौथा, युवाओं को इस क्षेत्र में प्रशिक्षित करने के लिए टैलेंट और स्किलिंग कार्यक्रम। पांचवां, स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए औद्योगिक इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करना।
रोजगार के नए अवसर और युवाओं को हाई-क्वालिटी जॉब्स
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि यह नीति दिल्ली के युवाओं के लिए हाई-क्वालिटी रोजगार के द्वार खोलेगी। चिप डिजाइनिंग, सेमीकंडक्टर रिसर्च और एडवांस्ड पैकेजिंग जैसे क्षेत्रों में हजारों नई नौकरियां सृजित होंगी। सरकार उद्योग और अकादमिक संस्थानों के बीच साझेदारी (इंडस्ट्री-अकादमिया पार्टनरशिप) को बढ़ावा देगी। इसका सीधा फायदा उन प्रोफेशनल्स को मिलेगा जो अपनी स्किल्स को भविष्य की तकनीक के अनुसार अपग्रेड करना चाहते हैं। साथ ही, स्टार्टअप्स और टेस्टिंग यूनिट्स को रियायती दरों पर सुविधाएं और सब्सिडी दी जाएगी।
निवेशकों के लिए वित्तीय प्रोत्साहन, दिल्ली बनेगी निवेश की पहली पसंद
सीएम ने साफ किया कि यह नीति सिर्फ कागजी नहीं होगी। इसमें निवेशकों को आकर्षित करने के लिए वित्तीय और गैर-वित्तीय प्रोत्साहन (इंसेंटिव्स) दिए जाएंगे। सरकार एक ऐसा इकोसिस्टम बनाना चाहती है जहां इनोवेशन और बिजनेस करने में आसानी (ईज ऑफ डूइंग बिजनेस) को प्राथमिकता मिले। ‘इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन’ के साथ तालमेल बिठाकर दिल्ली सरकार निवेशकों का भरोसा जीतेगी। परिचालन लागत (ऑपरेशनल कॉस्ट) को कम करके दिल्ली को निवेश के लिए सबसे आकर्षक स्थान बनाया जाएगा। सरकार का लक्ष्य फैबलेस कंपनियों (बिना फैक्ट्री वाली चिप डिजाइनर कंपनियों) को दिल्ली लाना भी है।
डिजिटल संप्रभुता और आर्थिक मजबूती पर जोर
सीएम रेखा गुप्ता ने प्रधानमंत्री मोदी के उस विचार को दोहराया कि 21वीं सदी में सेमीकंडक्टर केवल एक उत्पाद नहीं हैं, बल्कि यह देश की तकनीकी संप्रभुता और राष्ट्रीय सुरक्षा की बुनियाद हैं। दिल्ली सरकार की यह पहल केंद्र सरकार की योजनाओं के पूरक के रूप में काम करेगी। सीएम ने भरोसा जताया कि जब यह नीति पूरी तरह लागू होगी, तो दिल्ली एक स्थायी और नवाचार-आधारित सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम वाला शहर बन जाएगा। ड्राफ्ट तैयार होने के बाद जल्द ही इसे सार्वजनिक राय के लिए रखा जाएगा।
