Gujarat News: गुजरात हाईकोर्ट ने भरूच के जिला कलेक्टर को लेकर कड़ी नाराजगी जताई है। अदालत ने कलेक्टर के हलफनामे को अस्पष्ट बताते हुए उन्हें ‘अनपढ़’ तक कह दिया। यह टिप्पणी जिले में खतरनाक विस्फोटक ‘अमोनियम नाइट्रेट’ के असुरक्षित भंडारण से जुड़ी जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान की गई। कोर्ट ने कहा कि कलेक्टर को नियमों की जानकारी नहीं है और वह अपनी शक्तियों से भी अपरिचित हैं।
भोपाल गैस त्रासदी जैसी घटना की आशंका
याचिकाकर्ता ने अदालत में आरोप लगाया कि भरूच की औद्योगिक इकाइयां अमोनियम नाइट्रेट के भंडारण और प्रोसेसिंग में सुरक्षा नियमों की अनदेखी कर रही हैं। घने औद्योगिक और रिहायशी इलाकों के पास इस विस्फोटक के प्रबंधन में जरा सी चूक भोपाल गैस त्रासदी जैसी विनाशकारी घटना का कारण बन सकती है। चीफ जस्टिस सुनीता अग्रवाल और जस्टिस डीएन राय की बेंच ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए सख्त रुख अपनाया।
कलेक्टर के हलफनामे पर कोर्ट ने जताया असंतोष
कोर्ट ने पाया कि कलेक्टर द्वारा पेश किया गया शपथ-पत्र बेहद अस्पष्ट था। इसमें यह साफ नहीं था कि कौन सी इकाइयां नियमों का उल्लंघन कर रही हैं। बेंच ने कलेक्टर से कहा, “आप कलेक्टर हैं, लेकिन आप एक अनपढ़ आदमी हैं। आपको उन नियमों की जानकारी नहीं है जिनका पालन आपको करना चाहिए। आपको तो अपनी खुद की शक्तियों के बारे में भी पता नहीं है।” रिकॉर्ड के अनुसार, 19 मार्च 2025 और 23 मार्च 2026 की रिपोर्टों में मानदंडों के उल्लंघन का खुलासा हुआ था, लेकिन कलेक्टर ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की।
राज्य के वकील को भी कोर्ट ने लगाई फटकार
जब राज्य के वकील ने यह अस्पष्ट हलफनामा दाखिल किया, तो बेंच ने उन्हें भी आड़े हाथों लिया। कोर्ट ने कहा कि वकील को अधिकारियों का ‘मुखपत्र’ बनने के बजाय तथ्यों की जांच करनी चाहिए। अदालत ने पुराना हलफनामा वापस लेने और नया दाखिल करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया। इसके बाद कोर्ट ने अंकलेश्वर के मामलतदार और कार्यपालक मजिस्ट्रेट को नए और स्वतंत्र निरीक्षण का निर्देश दिया। कलेक्टर को उल्लंघन पाए जाने पर की गई कार्रवाई की रिपोर्ट के साथ नया हलफनामा दाखिल करना होगा। अगली सुनवाई अब जून 2026 में होगी।
