West Bengal News: पश्चिम बंगाल के चुनावी मैदान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) पर सबसे तीखा हमला बोला है। बांकुरा की पावन धरती से पीएम ने टीएमसी के सिंडिकेट और अपराधियों को आखिरी चेतावनी दे डाली। उन्होंने कहा कि 29 अप्रैल तक का समय है, जिसे अपनी सलामती चाहिए वह थाने में जाकर सरेंडर कर दे। 4 मई के बाद ‘महासंग्राम’ शुरू होगा और किसी गुनहगार को बख्शा नहीं जाएगा।
टीएमसी के गुंडों को आखिरी मौका, 29 अप्रैल के बाद नहीं होगी नरमी
बांकुरा की जनसभा में पीएम मोदी का तेवर देखकर लोग हैरान रह गए। उन्होंने विष्णुपुर के माफिया और टीएमसी के सिंडिकेट को सीधी चेतावनी दी। पीएम ने कहा, “मैं टीएमसी के सभी गुंडों, सिंडिकेट चलाने वालों और भ्रष्टाचारियों को आखिरी मौका दे रहा हूं। 29 अप्रैल से पहले अपने करीबी पुलिस स्टेशन में सरेंडर कर दो। याद रखना, 4 मई के बाद कोई बच नहीं पाएगा।” यह अल्टीमेटम बंगाल में कानून-व्यवस्था और भ्रष्टाचार को चुनावी मुद्दा बनाने की दिशा में सबसे बड़ा प्रहार माना जा रहा है।
बंगाल की बेटियों को मोदी की गारंटी: सालाना 36,000 और फ्री इलाज
प्रधानमंत्री ने ममता सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि टीएमसी ने बंगाल की बहनों के साथ गद्दारी की है। उन्होंने बीजेपी सरकार बनने पर महिलाओं के लिए ‘सौगातों का पिटारा’ खोल दिया। पीएम ने वादा किया कि हर बहन को सालाना 36,000 रुपये की आर्थिक सहायता मिलेगी। आयुष्मान योजना के तहत 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज होगा। किडनी मरीजों को सरकारी अस्पतालों में मुफ्त डायलिसिस की सुविधा दी जाएगी।
मातृत्व लाभ, बेटियों की पढ़ाई और मुद्रा ऋण का वादा
पीएम मोदी ने महिलाओं के लिए कई और योजनाओं का ऐलान किया। गर्भवती महिलाओं को 21,000 रुपये और बच्चे के जन्म के बाद पढ़ाई के लिए 5,000 रुपये अतिरिक्त दिए जाएंगे। मुद्रा योजना के तहत स्वरोजगार के लिए महिलाओं को 20 लाख रुपये तक का ऋण मिलेगा। बेटियों की शिक्षा के लिए 50,000 रुपये की सहायता राशि का प्रावधान किया जाएगा। पीएम ने कहा कि बीजेपी सरकार बंगाल की महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
आदिवासी राष्ट्रपति का अपमान और घुसपैठियों पर निशाना
पीएम मोदी ने टीएमसी पर वोट बैंक की राजनीति का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि बीजेपी ने देश को पहली आदिवासी महिला राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू दी, लेकिन टीएमसी और कांग्रेस ने उन्हें हराने की साजिश रची। पीएम बोले, “पूरी दुनिया राष्ट्रपति मुर्मू का सम्मान करती है, लेकिन टीएमसी उनका अपमान करने का मौका नहीं छोड़ती। यहां आदिवासियों की आवाज दबाई जा रही है और घुसपैठियों को आरक्षण देने की तैयारी है। यह बाबा साहेब के संविधान का अपमान है।”
महिला आरक्षण पर ममता सरकार को घेरा, बोले- बेटियों को नहीं बनने देना चाहती सांसद
प्रधानमंत्री ने संसद में महिला आरक्षण बिल के घटनाक्रम को लेकर ममता बनर्जी को घेरा। उन्होंने कहा कि बंगाल की महिलाएं चाहती थीं कि 33 फीसदी आरक्षण 2029 से लागू हो, लेकिन टीएमसी और कांग्रेस ने मिलकर साजिश रची। पीएम के मुताबिक, टीएमसी को डर है कि पढ़ी-लिखी बेटियां राजनीति में आईं तो उनके सिंडिकेट राज को चुनौती देंगी। इसीलिए उन्होंने इस कानून को रोकने की पूरी कोशिश की। पीएम ने कहा कि बंगाल की जनता अब इस ‘महा जंगलराज’ को बर्दाश्त नहीं करेगी।
