शराबबंदी पर भड़के जीतन राम मांझी, कहा- ‘सिर्फ गरीबों को जेल भेज रही नीतीश सरकार’, क्या बिहार में हटेगा बैन?

Bihar News: बिहार में शराबबंदी कानून पर एक बार फिर बड़ी राजनीतिक बहस छिड़ गई है। पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने नीतीश सरकार पर सीधा और तीखा हमला बोला है। मांझी ने कहा कि शराबबंदी के नाम पर केवल गरीब लोगों को परेशान किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस निर्दोष गरीबों को पकड़कर सीधे जेल में डाल रही है। यह कड़ा बयान राज्य की राजनीति में एक नया और बहुत बड़ा भूचाल ला सकता है।

अमीरों को छूट और गरीबों पर पुलिस का कहर

मांझी ने प्रशासन की कार्यशैली पर कई गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि अमीर लोग आज भी आसानी से शराब पी रहे हैं। बड़े तस्करों और रसूखदार लोगों पर पुलिस कोई ठोस कार्रवाई नहीं करती है। दूसरी तरफ मजदूर वर्ग के लोगों को थोड़ी सी शराब के लिए जेल भेजा जाता है। सरकार को अपनी यह जिद्द छोड़कर शराबबंदी कानून की तुरंत और निष्पक्ष समीक्षा करनी चाहिए।

बिहार में शराबबंदी कानून की जमीनी सच्चाई

नीतीश सरकार ने दो हजार सोलह में राज्य में पूर्ण शराबबंदी लागू की थी। सरकार का मुख्य उद्देश्य घरेलू हिंसा रोकना और समाज में सुधार लाना था। लेकिन हाल के वर्षों में जहरीली शराब पीने से सैकड़ों लोगों की मौत हो चुकी है। विपक्ष भी लगातार इस कानून की विफलता का मुद्दा जोर-शोर से उठाता रहता है। अब सत्ता पक्ष के सहयोगी दल भी इस नियम का भारी विरोध कर रहे हैं।

क्या नीतीश कुमार शराबबंदी पर फैसला बदलेंगे?

मांझी ने मांग की है कि जेल में बंद सभी गरीब लोगों को तुरंत रिहा करें। उन्होंने राज्य की शराब नीति में कुछ बड़े बदलाव करने की जोरदार वकालत की है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार हमेशा शराबबंदी को अपना सबसे अहम फैसला बताते रहे हैं। अब देखना होगा कि भारी विरोध के बाद राज्य सरकार क्या नया कदम उठाती है। यह मुद्दा आगामी चुनावों में भी काफी अहम और बड़ी भूमिका निभा सकता है।

SOURCE: न्यूज एजेंसी
/ month
placeholder text

Hot this week

Topics

Related Articles

Popular Categories