महिला आरक्षण पर 2029 चुनाव से पहले बड़ा दांव, सरकार के पास ये तीन विकल्प

India News: लोकसभा में महिला आरक्षण विधेयक के असफल होने के बाद भी 2029 के चुनावों में 33 प्रतिशत आरक्षण लागू होने की उम्मीद बनी हुई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार इस मुद्दे पर पूरी तरह प्रतिबद्ध है। शीर्ष सूत्रों के अनुसार, आरक्षण लागू करने के लिए कई विकल्पों पर विचार चल रहा है। सरकार अब सभी दलों से चर्चा करेगी और मानसून सत्र में नया विधेयक पेश कर सकती है।

131वां विधेयक असफल, लेकिन दूसरे विधेयक लंबित

131वां संवैधानिक संशोधन विधेयक असफल हो गया, लेकिन दो अन्य विधेयक अभी भी लोकसभा में लंबित हैं। ये विधेयक केंद्रशासित प्रदेशों और परिसीमन प्रक्रिया से संबंधित हैं। सरकार किसी भी समय इन्हें मतदान के लिए पेश कर सकती है। इस बीच, सरकार ने राजनीतिक रूप से आक्रामक रुख अपनाया है। वह पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु विधानसभा चुनावों के दौरान विपक्ष को घेरने के लिए प्रदर्शन कर रही है।

तीन विकल्प जिन पर सरकार कर रही विचार

पहला विकल्प: परिसीमन के जरिए लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाना। इसके लिए संसद में दो-तिहाई बहुमत चाहिए। विपक्षी दल जनसंख्या आधारित परिसीमन का विरोध कर रहे हैं। यही कारण था कि 131वां संशोधन विधेयक पास नहीं हो सका। दूसरा विकल्प: कुल सीटें 550 पर रखते हुए केवल निर्वाचन क्षेत्रों की सीमाएं बदलना। इस पर सहमति बनाना आसान हो सकता है।

तीसरा विकल्प: अनुच्छेद 334A में बदलाव करके आरक्षण को परिसीमन की शर्त से अलग करना। इससे मौजूदा 543 सीटों पर ही महिलाओं को आरक्षण मिल सकता है। फिलहाल 2026 तक परिसीमन पर रोक है। इसके बाद सरकार को इस पर नए सिरे से विचार करना होगा। सरकार इन तीनों विकल्पों पर विपक्ष से बातचीत कर रही है।

106वां संवैधानिक संशोधन पहले से लागू

सरकार ने गुरुवार रात को नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023 (106वां संवैधानिक संशोधन) को अधिसूचित कर दिया था। यह कानून पूरी तरह लागू है। इस कानून के तहत महिला आरक्षण को जनगणना और उसके बाद होने वाले परिसीमन से जोड़ा गया है। शुक्रवार को जो विधेयक असफल हुआ, वह 2011 की जनगणना के आधार पर सीटें बढ़ाकर 816 करने का प्रावधान करता था। इससे आरक्षण लागू करना आसान हो जाता।

जनगणना और परिसीमन के बाद 2029 में संभव है आरक्षण

131वें विधेयक के असफल होने से मूल कानून में तय 33 फीसदी आरक्षण कोटे पर कोई असर नहीं पड़ा है। आरक्षण तभी लागू होगा जब जनगणना पूरी हो और उसके बाद परिसीमन प्रक्रिया भी पूरी हो। फिलहाल जनगणना चल रही है। इसके 2027 तक पूरा होने की उम्मीद है। यदि उसके तुरंत बाद परिसीमन आयोग गठित होता है और काम पूरा होता है, तो महिला आरक्षण 2029 के लोकसभा चुनाव में लागू किया जा सकता है। सरकार इसी दिशा में प्रयासरत है।

SOURCE: न्यूज एजेंसी
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